मेरठ: दूरी कब होगी पूरी, स्ट्रक्चर को देखकर नहीं लगता कि समय पर पूरा होगा काम

Smart News Team, Last updated: 29/09/2020 10:34 AM IST
  • मेरठ के लिए एक्सप्रेस-वे का मुख्य बिदु है परतापुर तिराहा. यहां इसके लिए इंटरचेंज बन रहा है. परतापुर इंटरचेंज और डासना के एलिवेटेड स्ट्रक्चर को देखकर नहीं लगता कि तय समय पर काम पूरा हो पाएगा काम.
मेरठ -दिल्ली एक्सप्रेस-वे

मेरठ। जिस तरह से मेरठ से दिल्ली तक का सफर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पहुंचने का ख्वाब पूरा होने के दिन नजदीक आते जा रहे हैं. वैसे-वैसे ही समय पर काम पूरा करने का दबाव भी बढ़ रहा है. मेरठ के लिए एक्सप्रेस-वे का मुख्य बिंदु परतापुर तिराहा है.

यहां इसके लिए इंटरचेंज बन रहा है.इसे देखकर कोई यह नहीं कह सकता कि इसे दिसंबर तक तैयार किया जा सकेगा. लेकिन एनएचएआइ को इसमें शक नहीं है. इंटरचेंज पर 65 % काम पूरा हो गया है. रेलवे ओवरब्रिज .दिल्ली रोड पर ओवरब्रिज, दो अंडरपास तैयार हो चुके हैं.

वहीं एक अंडरपास व रजवाहे पर पुलिया अभी निर्माणाधीन है. इसे सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य था. जो नहीं हो पाया. इन तीनों अंडरपास के बीच मिट्टी का भराव करके उसे रेलवे ओवरब्रिज तक ले जाया जाएगा. इसकी दूरी हो जाएगी करीब एक किमी. इसका काम भी अभी बीच में ही है. इसी तरह से रेलवे ओवरब्रिज को दिल्ली रोड के ओवरब्रिज से जोड़ने के लिए भी मिट्टी का भराव तेजी से नहीं हो पा रहा है.

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साथ ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के मेरठ से डासना तक 32 किमी के ग्रीनफील्ड हिस्से को 31 दिसंबर तक पूरा करने की चुनौती अब एनएचएआइ और कार्यदायी कंपनी को परेशान करने लगी है. परतापुर इंटरचेंज और डासना के एलिवेटेड स्ट्रक्चर को देखकर नहीं लगता कि तय समय पर काम पूरा हो पाएगा लेकिन एनएचएआइ का दावा अब भी यही है कि तय समय में काम पूरा हो जाएगा.

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मेरठ के परतापुर तिराहे के पास रेलवे ओवरब्रिज से लेकर डासना के पास कुशलिया तक पूरी तरह से एक्सप्रेस-वे को तैयार कर लेने का लक्ष्य था. इसकी दूरी है 27 किमी. इसका मकसद यह था कि परतापुर तिराहे के ओवरब्रिज से लेकर कुशलिया तक यदि काम पूरा हो जाएगा तो वाहन निकालने शुरू कर दिए जाएंगे और इंटरचेंज व डासना का एलिवेटेड स्ट्रक्चर बाद तक बनता रहेगा.

दरसअल आज से 31 दिसंबर तक के दिन गिने जाएं तो 95 ही बच रहे हैं. क्योंकि इसमें कोई साप्ताहिक अवकाश नहीं होता. लेकिन दिवाली आने वाली है. ऐसे में बड़ी संख्या में स्टाफ अपने घर भी जाएगा. बिहार जैसे स्थानों के श्रमिक या अन्य स्टाफ यदि दिवाली में घर न गए तो छठ पर्व के लिए घर जाएंगे. इससे काम धीमा हो जाएगा. वहीं पिछले साल की तरह इस बार भी स्माग की वजह से काम रोकने का डर भी सता रहा है

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इस पूरे मामले पर एनएचएआइ के डीजीएम व एक्सप्रेस-वे के परियोजना निदेशक मुदित गर्ग का कहना है कि 76 % काम हो गया है.सभी स्ट्रक्चर तैयार हैं. चार स्ट्रक्चर बचे हैं जिन पर गर्डर लांचिग होनी है. 15 % ही मिट्टी का भराव शेष है इसमें परतापुर तिराहे के इंटरचेंज का काम भी शामिल है. इंटरचेंज में अब समय नहीं लगेगा, क्योंकि उससे जुड़े सभी मुख्य कार्य कर लिए गए हैं. उन्होंने कहा कि हर हाल में 31 दिसंबर तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा. किसानों के अवरोध से काम प्रभावित हुआ है फिर भी लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा.

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