Navratri 2021: मां शैलीपुत्री को ये फूल हैं अती प्रिय, चरणों में अर्पित करने से होंगी प्रसन्न

Priya Gupta, Last updated: Thu, 7th Oct 2021, 11:06 PM IST
  • 9 दिनों तक चलने वाले नवरात्र में माता के अलग अलग नौ रूपों की पूजा का विधान होता है. माता रानी को तरह तरह के फूल बेहद पसंद हैं मां की पसंद के अनुसार फूल अर्पित करने से मां जल्दी प्रसन्न होती हैं और आशीर्वाद देती हैं.
मां शैलीपुत्री को ये फूल हैं अति प्रिय

चैत्र मास में पड़ने वाले नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि कहते हैं और अश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पड़ने वाली नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि कहा जाता है. दोनों ही नवरात्र के अपने अपने खास महत्व है.साल में वैसे तो मुख्य तौर पर दो नवरात्रि मनाई जाती है. लेकिन शारदीय नवरात्रि का ज्यादा प्रचलित है. शारदीय नवरात्र की शुरुआत 7 अक्टूबर से हो चुकी है. 15 अक्टूबर 2021 को इसका समापन होगा. 9 दिनों तक चलने वाले नवरात्र में माता के अलग अलग नौ रूपों की पूजा का विधान होता है. माता रानी को तरह तरह के फूल बेहद पसंद हैं मां की पसंद के अनुसार फूल अर्पित करने से मां जल्दी प्रसन्न होती हैं और आशीर्वाद देती हैं.

नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री की पूजा की जाती है. मां शैलपुत्री को गुड़हल का लाल फूल और सफेद कनेर का फूल बहुत पसंद है. इसलिए पहले दिन मां को गुड़हल या कनेर का फूल अर्पित करें. इन फूलों से माता रानी बेहद प्रसन्न होंगी. 

Navratri 2021: मां ब्रह्मचारिणी को करना है प्रसन्न तो करें ये आरती और पढ़ें ये मंत्र

मां शैलपुत्री मंत्र जाप

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे ॐ शैलपुत्री देव्यै नम:

ॐ शं शैलपुत्री देव्यै: नम:।

मां शैलपुत्री की आरती

शैलपुत्री मां बैल सवार। करें देवता जय जयकार।

शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने न जानी।

पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।

ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू।

सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती जिसने उतारी।

उसकी सगरी आस जा दो। सगरे दुख तकलीफ मिला दो।

घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के।

श्रृद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित शीश झुकाएं।

जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद चकोरी अंबे।

मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें