Phulera Dooj 2022: 4 मार्च को फूलेरा दूज, श्रीकृष्ण ने राधा संग खेली थी फूलों वाली होली

Pallawi Kumari, Last updated: Thu, 3rd Mar 2022, 5:03 PM IST
  • फूलेरा दूज इस बार शुक्रवार 4 फरवरी के दिन पड़ रही है. कहा जाता है कि फुलेरा दूज के दिन श्रीकृष्णा ने अपनी रूठी राधारानी को मनाने के फूलों वाली होली खेली थी. यही कारण है कि मथुरा और वृंदावन में फुलेरा दूज के मौके पर श्रीकृष्ण मंदिरों में फूलों वाली होली खेली जाती है.
श्री कृष्णा-राधारानी (फोटो साभार-लाइव हिन्दुस्तान)

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फूलेरा दूज मनाई जाती है. इस बार फुलेरा दूज शुक्रवार 4 मार्च को पड़ रही है. फुलेरा दूज के दिन से ही होली की शुरुआत हो जाती है. वहीं ज्योतिष शास्त्र में इसे अबूझ मुहूर्त माना गया है. इस दिन बिना मुहूर्त देखे कोई भी शुभ काम किए जा सकते हैं. फुलेरा दूज के दिन अबूझ मुहूर्त होने के कारण शादी ब्याह, मुंडन, नया व्यवसाय और वाहन खरीदारी संबंधी कई तरह के कार्य करने के लिए शुभ समय होता है.

पौराणिक कथा के अनुसार, कहा जाता है फुलेहा दूज के दिन ही भगवान श्री कृष्ण ने अपनी राधारानी संग फूलों वाली होली खेली थी. कथा के अनुसार, जब भगवान श्रीकृष्ण किसी कारण काफी दिनों तक अपनी राधारानी से मिल नहीं पाए तो राधा उनके रूठ गई थीं. राधाजी को प्रकृति का प्रतीक माना जाता है. इसलिए उनके रूठने से फूल, पेड़, पौधे सब मुरझाने लगे. तब भगवान श्रीकृष्ण ये दशा देखकर राधाजी से मिलने बरसाना पहुंच गए.

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श्रीकृष्ण जी से मिलकर राधारानी प्रसन्न हो गईं और फिर प्रकृति में हरियाली छा गई. श्रीकृष्ण ने एक फूल तोड़कर राधाजी पर फेंक दिया. तब राधारानी ने भी एक फूल तोड़ा और श्रीकृष्ण जी पर फेंक दिया. इसके बाद गोपियों ने भी एक एक फूल तोड़ने शुरू किए और एक दूसरे पर फूल फेंकने लगीं. इसी तरह इस दिन बरसाना में फूलों वाली होली खेली गई. इसलिए इस दिन को फुलेरा दूज के नाम से जाना जाने लगा.

बता दें कि इस साल फुलेरा दूज पर सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है, जिसमें पूजा करना बेहद शुभ माना जा रहा है. फाल्गुन शुक्ल द्वितीया 03 मार्च को रात 09:36 बजे से शुरु होगी और 04 मार्च को रात 08:45 पर समाप्त होगा.

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