Pradosh Vrat:7 जुलाई को है प्रदोष व्रत, जानें पूजा- विधि, महत्व और सामग्री लिस्ट

Smart News Team, Last updated: Tue, 6th Jul 2021, 11:12 AM IST
  • प्रदोष व्रत का महत्व हिंदू धर्म में बहुत ही ज्यादा होता है. इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा की जाती है. जो लोग ऐसा करते हैं, भगवान शिव उनकी मनवांछित इच्छा पूरी करते हैं. 
इस दिन है प्रदोष व्रत

प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है. पूरी तरह से ये व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है. दो बार हर माह में ये व्रत पड़ता है, पहला कृष्ण पक्ष को तो वहीं दूसरा शुक्ल पक्ष को. एक साल में 24 प्रदोष व्रत होते हैं. प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि को पड़ता है. भगवान शंकर की पूजा इस दिन विधि विधान से करनी चाहिए. जो लोग इस व्रत को करते हैं उन पर भगवान शिव की विशेष कृपा होती है. ऐसे में आइए जानते हैं पूजा सामग्री लिस्ट, शुभ मुहूर्त और महत्व…

7 जुलाई 2021 बुधवार को प्रदोष व्रत है. धार्मिक मान्यता ऐसी है कि सातों दिन के प्रदोष व्रत का अपने आप में ही एक अलग महत्व होता है. अगर संतान सुक की प्राप्ति करना चाहते हैं तो बुध प्रदोष व्रत जरूर करना चाहिए. साथ ही इस व्रत को करने से संतान पक्ष को लाभ भी होता है. 

त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत होता है, ये है मुहूर्त 

प्रारम्भ- 1:02 Am, 7 July

End Timing- 3:20Am, 8 July

प्रदोष काल -7 जुलाई शाम 07:12 बजे से 9:20 बजे तक

ये पूजा प्रदोष काल में ही की जाती है. संध्या के समय सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले प्रदोष काल शुरू हो जाता है.

प्रदोष व्रत की ये है पूजा विधि

सुबह जल्दी से उठें और स्नान कर लें. स्नान करके अच्छे साफ सुथरे वस्त्र धारण करें. मंदिर में दीव जला लें. अगर संभव हो पाए तो व्रत जरूर करें. गंगा जल से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक जरूर करना चाहिए. शिव जी को पुष्प जरूर अर्पित करना चाहिए. मां पार्वती और भगवान गणेश की पूजा भी इस दिन भोलेनाथ के साथ जरूर करनी चाहिए. कोई भी शुभ काम करने से पहले भगवान गणेश की पूजा जरूर करनी चाहिए. शिव जी को भोग जरूर लगाएं. लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखना होता है कि भोग सिर्फ सात्विक चीजों का ही होना चाहिए. शिव जी की आरती भी करें. अधिक से अधिक इस दिन भगवान शिव का ध्यान रखें. 

प्रदोष व्रत पूजा सामग्री- गुलाल, अबीर, अक्षत, चंदन, धतूरा, फूल, जनेऊ, बिल्वपत्र, दीपक, कलावा, अगरबत्ती, दीपक, कपूर, फल

 

 

 

 

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