Puja Path: पूजा करते समय इन नियमों को पालन करना जरूरी, नहीं तो होगा अशुभ

Priya Gupta, Last updated: Sat, 9th Oct 2021, 5:43 PM IST
  • हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का विशेष महत्व बताया गया है. इसलिए पूजा करते  समय लोगों को इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
पूजा करते समय इन नियमों को पालन करना जरूरी

हिंदू धर्म में भगवान की पूजा का बेहद महत्व है, पूजा-पाठ में कई नियम बनाएं गए हैं और उसी नियम के साथ ही पूजा की जाती है. भगवान की पूजा अराधना से मन को शांति मिलती है. कहते हैं कि जो भक्त सच्चे दिल से पूजा पाठ करते हैं भगवान उन पर कोई संकट या कष्ट नहीं आने देते है. अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए भी लोग पूजा-पाठ से भगवान को प्रसन्न करते हैं. शास्त्रों में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि पूजा पाठ में किसी तरह की गलती नहीं होनी चाहिए. इससे भगवान नाराज हो सकते हैं. पूजा करते समय लोगों को इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना चाहिए, नहीं तो ये अशुभता का कारण बन सकता है.

कहा जाता है कि कोई भी पूजा का शुभ आरंभ करते समय शुरुआत गणेश पूजा से ही करना चाहिए. इतना ही नहीं, गणेश पूजा के समय इस बात का ध्यान रखें कि गणेश जी को गलती से भी तुलसी पत्र अर्पित न करें. ऐसा करने से दोष लगता है. शिव भगवान को कभी भी केतकी का फूल अर्पित न करें. पौराणिक कथा के अनुसार भगवान ने केतकी को श्राप दिया था, इसलिए भगवान शिव को यह फूल अर्पित नहीं करना चाहिए. वरना काम बिगड़े सकते हैं.

Navratri 2021: नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की करें पूजा, जानें पूजा विधि

दीया जलाते समय उसे कभी भी जमीन पर नहीं रखें. ऐसा करने से धन हानि होती है और घर में अशुभता आती है. इतना ही नहीं, पूजा के वक्त अगरबत्ती का प्रयोग करने से बचना चाहिए. क्योंकि इसे बांस की लकड़ियों से बनाया जाता है और बांस की लकड़ियों का प्रयोग अंतिम संस्कार में किया जाता है. इसलिए पूजा में अगरबत्ती का प्रयोग करने से मना किया जाता है.

रविवार के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से परहेज करना चाहिए. ऐसा करने से भगवान विष्णु अप्रसन्न हो जाते हैं. वास्तु के अनुसार भगवान शालिग्राम को कभी चावल अर्पित नहीं करने चाहिए. ऐसा करने से दोष लगते हैं. पूजा में गंदे कपड़े पहनकर पूजा करने से घर में दरिद्रता आती है. पूजा के समय मन में पवित्र विचार रखने चाहिए. पूजा करते समय मन को दूषित करने से पूजा का फल प्राप्त नहीं होता.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें