प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में लापरवाही बरतने पर रोका गया 32 अधिकारियों का वेतन

Smart News Team, Last updated: 05/08/2020 10:38 PM IST
  • मेरठ जिले में नगर निगम आयुक्त के आदेश पर नगर निगम के 32 अधिकारियों का वेतन रोका गया हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में स्ट्रीट वेंडर आवेदन में लापरवाही मिलने पर ये कार्यवाही की गई हैं। इसके अलावा सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया हैं।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना

मेरठ। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडरों के आवेदन में लापरवाही बरते जाने पर नगर आयुक्त के आदेश पर अपर नगर आयुक्त श्रद्धा शांडिल्यान द्वारा नगर निगम के 32 अधिकारियों का वेतन पर रोक दिया गया हैं। साथ ही सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कराया गया। अपर आयुक्त के मुताबिक शासन के आदेश के बाद इन अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती गई। जिस कारण मेरठ प्रदेश के नगर निगमों में आठवें स्थान पर आ गया है।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में स्ट्रीट वेंडरों को उलब्ध कराना था 10 -10 हजार का लोन

मेरठ अपर नगर आयुक्त श्रद्धा शांडिल्यान के मुताबिक प्रधानमंत्री स्वनिधि लोन योजना के तहत स्ट्रीट वेंडरों को 10-10 हजार रुपये का लोन उपलब्ध कराना है। जिसके चलते कोरोना काल में उन्हें राहत मिल सके। वही इसके लिए नगर निगम क्षेत्र में 8079 वेंडर चिह्नित हैं। जिनमे अब तक मात्र 1200 के करीब वेंडरों का डाटा ही फीड किया गया हैं,

इन 32 अधिकारियों का वेतन रोक भेजा गया हैं कारण बताओ नोटिस

स्वनिधि योजना में स्ट्रीट वेंडरों के आवेदन के लिए निगम द्वारा तीन कर निर्धारण अधिकारी, नौ कर अधीक्षक सहित 20 राजस्व निरीक्षकों को जिम्मेदारी दी गई थी। जिसमे इन सभी 32 अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती गई हैं। जिसके बाद नगर आयुक्त के आदेश पर इन सभी 32 अधिकारियों के वेतन पर रोक लगाते दी गई हैं। साथ ही सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया हैं।

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें