Valmiki Jayanti 2021: रामायण की रचना करने वालें महर्षि वाल्मीकि का ये है असली नाम

Priya Gupta, Last updated: Wed, 20th Oct 2021, 10:42 AM IST
  • हिंदुओ का सबसे लोकप्रिय धार्मिक ग्रंथ रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि ने की थी और इसलिए वाल्मीकी जयंती का विशेष महत्व है.
Valmiki Jayanti 2021

हर साल 20 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती मनाई जाती है. हिंदू धर्म के सबसे पवित्र ग्रंथ की रचना करने वाले वाल्मिकी जी का जन्म अश्विन मास की पूर्णिमा तिथि के दिन हुआ था. हिंदुओ का सबसे लोकप्रिय धार्मिक ग्रंथ रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि ने की थी और इसलिए वाल्मीकी जयंती का विशेष महत्व है.वाल्मीकि जी का असली नाम अग्नि शर्मा था, लेकिन उन्हें वाल्मीकि नाम दिया गया इसके पीछे भी काफी रोचक कहानी है.

कहा जाता है कि उनकी तपस्या के दौरान उनके चारों ओर बनी विशाल चींटी-ने घेर लिया था उनके शरीर पर दीमक के अपना घर बना लिया, इसके बावजूद भी उन्होंने अपना तप पूरा किया. इसके बाद से ही उन्हें वाल्मीकि के नाम से जाना जाता है. उन्हें महाकाव्य रामायण लिखने के बाद जाना जाता है. महर्षि वाल्मीकि ने संस्कृत भाषा में रामायण लिखी थी. इसको प्राचीन ग्रंथ माना जाता है.

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सामान्य तौर पर महर्षि वाल्मिकि के जन्म को लेकर अलग-अलग राय हैं. लेकिन बताया जाता है कि इनका जन्म महर्षि कश्यप और देवी अदिति के नौवें पुत्र वरुण और उनकी पत्नी चर्षिणी के घर में हुआ था.

पौराणिक कथाओं के अनुसार वाल्मीकि का असली नाम रत्नाकर था, जो पहले लुटेरे हुआ करते थे और उन्होंने नारद मुनि को लूटने की कोशिश की. नारद मुनि ने वाल्मीकि से प्रश्न किया कि क्या परिवार भी तुम्हारे साथ पाप का फल भोगने को तैयार होंगे? जब रत्नाकर ने अपने परिवार से यही प्रश्न पूछा तो उसके परिवार के सदस्य पाप के फल में भागीदार बनने को तैयार नहीं हुए. तब रत्नाकर ने नारद मुनि से माफी मांगी और नारद ने उन्हें राम का नाम जपने की सलाह दी. राम का नाम जपते हुए डाकू रत्नाकर वाल्मीकि बन गए.

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