थम नहीं रहा BRA बिहार यूनिवर्सिटी में छात्रों का आक्रोश, कुलपति को हटाने को लेकर छात्रों का हस्ताक्षर अभियान जारी

Smart News Team, Last updated: Sat, 11th Sep 2021, 11:59 AM IST
  • शुक्रवार को एक स्थानीय होटल में कुलपति हटाओ विश्वविद्यालय बचाओ अभियान के लिए 21 सदस्य कमेटी का गठन किया गया. जिसमे सर्वसम्मति से गोल्डेन सिंह को कमिटी का अध्यक्ष चुना गया. बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विवि के कुलपति प्रो. हनुमान प्रसाद पांडेय ने बताया कि कुछ लोगों की गलत करने की मंशा सफल नहीं हो पाई. वे जूठा आरोप लगा रहे हैं.
BRA बिहार यूनिवर्सिटी में कुलपति को हटाने को लेकर छात्रों का हस्ताक्षर अभियान जारी.

मुजफ्फरपुर: शुक्रवार को एक स्थानीय होटल में कुलपति हटाओ विश्वविद्यालय बचाओ अभियान के लिए 21 सदस्य कमेटी का गठन किया गया. जिसमे सर्वसम्मति से गोल्डेन सिंह को कमिटी का अध्यक्ष चुना गया. आगे की लड़ाई गोल्डेन सिंह की अध्यक्षता में ही लड़ी जाएगी. साथ ही इसके लिए चल रहे हस्ताक्षर अभियान की भी समीक्षा की गई. कमेटी के अध्यक्ष गोल्डेन सिंह ने बताया कि 10 दिनों के अंदर हस्ताक्षर का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद कुलाधिपति ,मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, पीएमओ और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर कुलपति को पद मुक्त करने का आग्रह किया जाएगा. जब तक कुलपति को पद से मुक्त नहीं किया जाता तब तक यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलेगा. इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य बिहार विश्वविद्यालय की खोई हुई गरिमा को वापस लाना है.

कमेटी के अध्यक्ष गोल्डेन सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए आरोप लगाया है कि जब से कुलपति की नियुक्ति हुई है वो एक भी दिन अपने कार्यालय में नहीं बैठे हैं. कुलपति किसी छात्रों की बात नहीं सुनते है. छात्रों की समस्या का समाधान भी नहीं करते. साथ ही गोल्डन सिंह ने आरोप लगाया है कि एक ही शिक्षक को विश्वविद्यालय के आधा दर्जन से अधिक पद संभाल रहे हैं. विभाग में जहां वरीयता के अनुसार विभागाध्यक्ष की नियुक्ति होनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है.

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वही बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विवि के कुलपति प्रो. हनुमान प्रसाद पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय में दस दिन के अंदर खाली विभाग में हेड की नियुक्ति हो जाएगी. कोरोना महामारी में विवि बंद होने के कारण भर्ती नहीं पाई थी. इसके लिए दो बार सीनियरिटी कमेटी की बैठक हो चुकी है. सदस्यों ने हेड बनाने के लिए आये आवेदनों पर कानूनी सलाह की बात कही थी. कुलपति ने एक व्यक्ति को विश्वविद्यालय की 15 पद पर नियुक्ति की बात को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन पूरी तरह से साफ सुथरे तरीके से हुई है. किसी भी तरह की कदाचार की घटना नहीं हुआ है. कुछ लोगों की गलत करने की मंशा सफल नहीं हो पाई. वे जूठा आरोप लगा रहे हैं.

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