छेड़खानी के विरोध पर 3 माह की बेटी को आग में फेंका, अब केस वापसी की मिल रही धमकी

Smart News Team, Last updated: Tue, 2nd Feb 2021, 3:22 PM IST
मुजफ्फरपुर में एक महिला के छेड़खानी का विरोध करने पर उसकी 3 माह की बेटी को आग में फेंक दिया गया. इसके बाद अब पीड़ित परिवार को केस वापस लेने के लिए भी धमकियां मिल रही हैं. घटना से पूरा परिवार डरा हुआ है.
छेड़खानी के विरोध पर 3 माह की बेटी को आग में फेंकने के मामले में पीड़ित परिवार को केस वापस लेने की धमकी मिल रही है.

मुजफ्फरपुर. जिले में एक महिला द्वारा छेड़खानी का विरोध करने पर उसकी 3 माह के बच्ची को आग में फेंक दिया गया. इसके बाद अब पीड़ित परिवार पर जनप्रतिनिधि केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं. इससे पूरा परिवार डरा हुआ है.

जानकारी के अनुसार जिले के बोचहां थाना अंतर्गत एक गांव में महिला से छेड़खानी करने पर उसकी 3 माह की बच्ची को आदमी फेंकने के मामले में पीड़ित परिवार पर जनप्रतिनिधि द्वारा केस वापस लिए जाने का दबाव बनाया जा रहा है रविवार को पीड़िता का पति एफआईआर की कॉपी लेने थाने में गया. लेकिन एक जनप्रतिनिधि के भाई ने कुछ रुपए लेकर केस वापस लेने का दबाव बनाया. गौरतलब है कि थाने के पुलिसकर्मी ने भी पीड़ित को जनप्रतिनिधि की बात मानने के लिए कहा. इसके बाद से पूरा परिवार डरा हुआ है.

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इसके अलावा पीड़ित परिवार ने आरोपियों के डर के कारण बोचहां थाना क्षेत्र में अपना किराए का मकान भी छोड़ दिया है. फिलहाल वे मिठनपुरा इलाके स्थित अपने शहरी घर में है. पीड़िता के पति का कहना है कि थाने पर एक जनप्रतिनिधि के भाई ने केस को कुछ रूपए लेकर वापस लेने की धमकी दी है. पुलिसकर्मियों ने भी एसएसपी से शिकायत करने पर उन्हें डांट फटकार लगाई. पीड़ित ने इसकी जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को देने की बात कही है.

प्रभारी डीएसपी पूर्वी सह डीएसपी मुख्यालय बैद्यनाथ प्रसाद ने बताया कि बोचहां पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. वर्तमान में छेड़खानी की धारा भी अंकित है. मीनापुर सर्किल इंस्पेक्टर को गांव भेजा गया था. उन से जांच रिपोर्ट मांगी गई है. उनके रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. परिजन पर दबाव बनाया जा रहा है लेकिन इसकी शिकायत उनके पास नहीं आयी है.

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सूत्रों के अनुसार मीनापुर सर्किल इंस्पेक्टर मो. अरशद नूमानी ने मामले में ग्रामीणों का बयान दर्ज किए हैं. ग्रामीणों का बयान और पीड़ित पक्ष के बयान में विरोधाभास है. इसे लेकर सर्किल इंस्पेक्टर पीड़ित महिला से फिर से पूछताछ करेंगे. जिस वक्त वे घटनास्थल गए थे, महिला वहां मौजूद नहीं थी. ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि दोनों पक्ष के बच्चों के बीच विवाद हुआ था. इसे बड़ा विवाद बनाकर तूल दिया जा रहा है. पीड़िता कई माह से अपना घर होते हुए भी गांव में ही किराये के मकान में रह रही थी. जांच रिपोर्ट पर डीएसपी ने बताया कि इंस्पेक्टर की जांच रिपोर्ट उनके पास नहीं आयी है. सर्किल इंस्पेक्टर के साथ बोचहां पुलिस भी साथ में गई थी.

 

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