लागत नहीं मिलने पर आक्रोशित किसानों ने ट्रैक्टर से रौंद डाली सैकड़ों किलो टमाटर की फसल

Smart News Team, Last updated: Wed, 12th May 2021, 3:41 PM IST
मुजफ्फरपुर में लागत नहीं मिलने पर आक्रोशित किसानों ने सैकड़ों किलो टमाटर की फसल ट्रैक्टर से रौंद डाली. किसानों का कहना है कि कोरोना के बढ़ते मामले और अब लॉकडाउन लगने के बाद फसल को बेचना मुश्किल हो गया है. किसानों ने कहा कि एक ट्रे टमाटर तोड़ने के लिए मजदूर 10 रुपये लेते हैं. जबकि व्यापारी उनके टमाटर की कीमत एक रुपए किलो लगा रहे हैं.
टमाटर की फसल को टैक्टर से रौंदते आक्रोशित किसान. 

मुजफ्फरपुर. कोरोना काल में जिले के टमाटर किसानों की मुश्किलें काफी बढ़ गयी हैं. व्यापारी उनके टमाटर की कीमत एक रुपये किलो लगा रहे हैं. इसके चलते किसानों को अपनी फसल की लागत भी नहीं मिल पा रही है. मंगलवार को आक्रोशित किसानों ने सैकड़ों किलो टमाटर और अन्य फसलों को सड़क फेंक कर ट्रैक्टर से रौंद दिया. दावा किया जा रहा है कि 50 बीघा में उगाई गई फसलों को नष्ट किया गया है.

आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर में हर साल 25 हजार किसान अपनी क्षमता के अनुसार करीब 50 हजार एकड़ में टमाटर की खेती करते हैं. जिले के मीनापुर, सकरा, बोचहां, मुशहरी, कुढ़नी सहित कई प्रखंडों में किसान टमाटर की खेती करते हैं. सबसे अधिक टमाटर की खेती मीनापुर में होती है. प्रखंड के गंजबाजार, नेउरा बाजार एवं खेमाई पट्टी बाजार में इन दिनों टमाटर से पटे पड़े हैं. यहां टमाटर की खरीदारी के लिए राज्य के विभिन्न जिलों के अलावा पश्चिम बंगाल, असम और नेपाल तक के व्यापारी पहुंचते थे. कोरोना काल में बाहर से व्यापारी के नहीं आने के कारण किसानों को अपनी पैदावार के उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं.

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मीनापुर के अली नेउरा के किसान चंदेश्वर प्रसाद, लालबाबू प्रसाद और सीताराम प्रसाद ने बताया कि टमाटर की इस बार अच्छी फसल होने से अच्छी आमदनी की उम्मीद थी. कोरोना के कारण बाहरी व्यापारियों के नहीं आने से स्थानीय व्यापारी 25 किलो( एक ट्रे ) टमाटर 20 से 40 रुपये में ले रहे हैं. शहजपुर के किसान अरुण कुमार सिंह का कहना है कि इस बार उन्होंने पांच एकड़ में टमाटर की खेती की है. भाव नहीं मिलने से वे मायूस हैं. इसके अलावा नीरज कुमार, बिन्देश्वर सिंह और चंदेश्वर सिंह ने बताया कि यहां हर साल बाहर के व्यापारी आकर टमाटर की फसल की अच्छी कीमत देकर जाते थे. दस दिन पहले तक एक ट्रे टमाटर 250 रुपये में बिक रहा था. कोरोना के बढ़ते मामले और अब लॉकडाउन लगने के बाद फसल को बेचना मुश्किल हो गया है. एक ट्रे टमाटर तोड़ने के लिए मजदूर 10 रुपये लेते हैं.

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