बेरोजगारों को बकरी पालन की इस योजना में लोन के साथ अनुदान दे रही बिहार सरकार

Swati Gautam, Last updated: Mon, 29th Nov 2021, 3:52 PM IST
  • बिहार सरकार की समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना के तहत बकरी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस योजना के तहत राज्य सरकार की और से पशुपालक को अनुदान दिया जाता है. इस योजना से कई बेरोजगारों को बकरी पालन के जरिए आर्थिक मदद मिल रही है.
सरकार की इस योजना से मिल रहा बकरी पालन में अनुदान, बेरोजगारी हो रही दूर. file photo

मुजफ्फरपुर. देश में बेरोजगार युवा अलग-अलग व्यवसायों के जरिए अपने घर की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में लगे रहते हैं. उनमें से एक व्यवसाय बकरी पालन कर उससे लाभ लेना भी शामिल है. जो लोग पशुपालन कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में लगे हैं उनको सरकार की और से भी योजना के तहत आर्थिक मदद की जा रही है. बता दें कि सरकार की समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना के तहत बकरी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस योजना में सरकार की और से पशुपालक को लोन और अनुदान दिया जाता है. इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को पहले आवेदन करना होता है. जिसके बाद पशुपालकों को बकरी पालन शुरू करने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक मदद मिल जाती है.

बता दें कि आजकल बकरी और भेड़ पालन का चलन काफी बढ़ गया है. लेकिन अभी तक कई पशुपालकों को सरकारी योजना के तहत मिलने वाले अनुदान के बारे में नहीं पता था. आज धीरे-धीरे सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए लोग जागरूक हो रहे हैं. सरकार से मिलने वाले अनुदान की वजह से काफी संख्या में लोग आवेदन कर रहे हैं. अब तक 97 लोगों को इस योजना का लाभ मिल चुका है. इसका उदाहरण बकरी पालक मनोज कुमार भी हैं जो कहते हैं कि सरकार की इस योजना से उन्हें काफी मदद मिली. बकरी पालन से उनकी आर्थिक स्थिति सुधर रही है.

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क्या है योजना

बिहार सरकार की और से समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना शुरू की गई थी. योजना के तहत बकरी व बकरा खरीदने और शेड निर्माण के लिए लोन दिया जाता है. सरकार की और से अनुदान दिया जाता है. मालूम हो कि अनुदान बकरियों के क्रय व शेड के निर्माण के बाद दिया जाता है. आज धीरे-धीरे इस योजना का लाभ लेने वालों की संख्या बढ़ रही है. इस योजना के तहत 2016-17 में केवल पांच लोगों को लाभ मिला था. जिसके बाद 2017-18 में 16 को मिला और यह संख्या साल दर साल बढ़ती गई. 2018-19 में 30 लोगों को और 2019-20 में 39 को इस योजना का लाभ दिया गया. इसके बाद 2020-21 में अब तक सात लाभुकों को इस  योजना का लाभ दिया जा चुका है.

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