पशुपति पारस पर केस करने वाला बोला- अपने नाम पर मुखिया का चुनाव नहीं जीत सकते

Smart News Team, Last updated: Wed, 16th Jun 2021, 5:07 PM IST
  • मुजफ्फपुर सीजेएम कोर्ट में पशुपति पारस पासवान और प्रिंस राज समेत पांच अज्ञात के खिलाफ परिवाद दायर करने वाले समाजिक कार्यकर्ता ने कहा है कि पशुपति पारस अपने दम पर मुखिया का चुनाव भी नहीं जीत सकते. पारस को पीएम नरेंद्र मोदी, राम विलास पासवान और चिराग पासवान के नाम पर सांसदी मिली है.
पशुपति पारस पासवान के खिलाफ मुजफ्फरपुर कोर्ट में केस

मुजफ्फरपुर. लोजपा की कमान को लेकर चिराग पासवान और पशुपति पारस के विवाद के बीच मुजफ्फरपुर सीजेएम कोर्ट में पशुपति पारस पासवान, प्रिंस राज और अन्य 5 अज्ञात लोगों के खिलाफ परिवाद दायर कराने वाले कुंदन कुमार ने कहा कि पशुपति पारस अपने दम पर मुखिया पद भी नहीं जीत सकते हैं. कुंदन ने कहा कुमार कि पशुपति को लोकसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी, राम विलास पासवान और चिराग पासवान के नाम पर जीत मिली है और तभी वे सांसद बन पाए हैं.

समाजिक कार्यकर्ता कुंदन कुमार ने कहा कि वे दावा करके कहता हैं कि आज जो पशुपति सांसद बने हैं वे सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर बने हैं. अगर वे अपने नाम के दम पर अपने पंचायत से मुखिया भी बनकर दिखा दें, वो संभव नहीं है. उन्होंने चिराग पासवान और राम विलास पासवान के नाम पर जीत मिली और उन्होंने उन्हीं की पीठ में चाकू घोंपने का काम किया. पूरी उम्मीद है मुजफ्फरपुर कोर्ट में चिराग पासवान को न्याय मिलेगा.

पशुपति पारस समेत LJP के पांस बागियों के खिलाफ मुजफ्फरपुर कोर्ट में केस

मालूम हो कि सदर थाना के पताही निवासी सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता कुंदन कुमार ने अपने अधिवक्ता कमलेश कुमार के जरिए बुधवार को सीजेएम कोर्ट में हाजीपुर सांसद पशुपति कुमार पारस, समस्तीपुर सांसद प्रिंस राज और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ परिवाद दायर किया. परिवाद में पशुपति पारस और प्रिंस राज समेत सभी लोगों पर लोजपा से बगावत कर चिराग पासवान को पार्टी से हटाते हुए संसदीय मर्यादा उल्लंघन करते हुए बागडोर अपने हाथ लेने का आरोप लगाया है. कोर्ट ने परिवाद स्वीकर करते हुए 21 जून को सुनवाई की तारीख तय की है.

क्या है चिराग पासवान और पशुपति पारस के बीच विवाद

बिहार में हाल ही के दिनों में लोजपा के भीतर बड़ी फूट देखने को मिली. पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान के हाजीपुर से सांसद चाचा पशुपति पारस पासवान ने चार सांसदों के साथ मिलकर लोकसभा में खुद को लोजपा संसदीय दल का नेता घोषित कर दिया और महबूब कैसर को उपनेता बना दिया गया. 

चिराग का लोकसभा स्पीकर को पत्र- पशुपति पारस को नेता बनाना LJP संविधान के खिलाफ

वहीं दूसरी ओर चिराग पासवान ने भी अपने चाचा समेत सभी पांच सांसदों को पार्टी से निकाल दिया. अब दोनों चाचा-भतीजे के बीच पार्टी के कमान की लड़ाई है और कहीं न कहीं पशुपति चिराग को पार्टी से साइडलाइन कर देना चाहते हैं तो वहीं चिराग पासवान अपना पद बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करते नजर आ रहे हैं. 

 

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