अपराधी बेखौफ कर रहे वारदातें, सुरक्षा को लेकर पुलिस और बैंक प्रबंधन सजग नहीं

Smart News Team, Last updated: Fri, 15th Jan 2021, 2:23 PM IST
  • शहर में लूटपाट की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. बीते दिनों में दो बैंकों में लूट की बड़ी वारदातों को अपराधियों ने अंजाम दिया है. जिससे सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं. बैंक प्रबंधन और पुलिस प्रशासन सुरक्षा को लेकर लापरवाह नजर आ रहे हैं.
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मुजफ्फरपुर. जिले में अपराधियों की ओर से लूट की वारदातों को बेखौफ होकर अंजाम दिया जा रहा है. हाल ही के दिनों में जिले में दो बैंकों में अपराधियों ने लूट की वारदातों को अंजाम दिया. बैंकों की सुरक्षा को लेकर बैंक प्रबंधन सजग दिखाई नहीं दे रहे. देखा जाए तो पुलिस और चौकीदार के भरोसे ही बैंकों की सुरक्षा छोड़ी गई है. शहरी क्षेत्रों में तो फिर भी कई बैंकों में गार्ड हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में तो बैंकों की सुरक्षा सीसीटीवी कैमरे और अलार्म के भरोसे है.

गौर हो कि ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकतर शाखाएं गार्ड विहिन हैं और शहरों में भी 50 फीसदी बैंक शाखाओं में ही सुरक्षा गार्ड तैनात होते हैं. रुटीन तौर पर रोजाना दिन में एक बार बैंकों की पुलिस चेकिंग करती है. इसके साथ ही बैंकों के कर्मचारी भी आए दिन हो रही वारदातों के कारण दहशत में काम करने को मजबूर हैं. सुरक्षा को लेकर बैंक प्रबंधन औ र पुलिस प्रशासन की ओर से लापरवाही बरती जा रही है. बैंक अतिरिक्त खर्च बचाना चाहता है और पुलिस ड्यूटी में लापरवाह नजर आती है.

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कई ग्रामीण इलाकों में तो अलार्म तक की व्यवस्था नहीं है. ग्रामीण इलाकों की शाखाएं सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं. जिस तरह से बैंक लूट की वारदातें बढ़ रही हैं, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं. उल्लेखनीय है कि जिस इलाके में बैंक होता है उससे संबंधित थाने की पुलिस को बैंक में जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेना होता है और बैंकों के रजिस्टर में यह अंकित करना होता है लेकिन पुलिस रजिस्टर में अंकित कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रही है. रात्रि गश्त में भी पुलिस लापरवाह नजर आती है. जिस वजह से अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं.

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