कोरोना वैक्सीनेशन के फर्जी एप से ऐसे बचें वरना आप हो जाएंगे साइबर ठगी के शिकार

Smart News Team, Last updated: Wed, 13th Jan 2021, 7:17 AM IST
  • साइबर ठगों ने लोगों को ठगने के लिए कोरोना के डर का सहारा लिया है. साइबर ठगों ने 'को-विन' और इसके नाम से मिलते जुलते फर्जी एप बनाया है. साइबर सेल ने गाइडलाइन जारी कर इससे सावधान रहने की अपील की है. 
साइबर ठगों ने कोरोना वैक्सीनेशन का फर्जी एप बना लिया है.

मुजफ्फरपुर. साइबर फ्रॉड लोगों को ठगने के लिए कोई न कोई नया तरीका निकाल ही लेते हैं. अब साइबर ठगों ने लोगों को ठगने के लिए कोरोना के डर का सहारा लिया है. मिली जानकारी के अनुसार साइबर ठगों ने कोरोना वैक्सीनेशन का फर्जी एप बना लिया है. साइबर ठगों ने 'को-विन' और इसके नाम से मिलते जुलते फर्जी एप बनाया है, इस तरह के एप को डाउनलोड करते ही आपका मोबाइल हैक हो सकता है.

पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर सेल ने लोगों को सावधान करने के लिए गाइडलाइन जारी की है. साइबर सेल ने गाइडलाइन में कहा है कि अब साइबर फ्रॉड लोगों को ठगने के लिए कोरोना वैक्सीन का सहारा ले रहे हैं. साइबर ठगों ने कोरोना वैक्सीनेशन के लिए को-विन ( Co-Win)नामक फेक एप बनाया है. एप पर लिखा है कि कोरोना वैक्सीनेशन एप के जरिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद होगा.

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जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि साइबर ठग कोरोना वैक्सीनेशन के नाम पर लोगों को फोन कर अपने जाल में फंसा कर उन्हें ठग सकते हैं. अगर कोई संदिग्ध कॉल आता है तो तुरंत पुलिस को सूचना दें. साथ ही अपने मोबाइल पर आए ओटीपी भी किसी के साथ शेयर न करें.

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साइबर सेल की तरफ से जारी गाइडलाइन में बताया गया है कि साइबर अपराधियों की नजर आपके बैंक खाते में रहती है. बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए उन्हें एक ओटीपी की जरूरत पड़ती है. कोरोना वैक्सीनेशन की इस फेक एप को जो भी कोई डाउनलोड करेगा हो सकता है कि उसका मोबाइल साइबर ठग हैक कर लें. मोबाइल हैक होने के बाद ओटीपी का पता लगाना उनके लिए आसान हो जाता है.

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