अस्पताल ने वसूला लाखों का बिल फिर घर भेजा कोरोना पॉजिटिव मरीज, ऐसे हुए निगेटिव

Smart News Team, Last updated: Sat, 29th May 2021, 8:05 AM IST
  • मुशहरी के नंदकिशोर को कोरोना पॉजिटिव होने के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में 4.5 लाख का बिल भरने के बावजूद जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो उन्होंने अस्पताल से छुट्टी लेकर घर पर इलाज कराया और दस दिन में ही स्वस्थ हो गए.
अस्पताल में 4.5 लाख रुपये का बिल देने के बावजूद स्वस्थ नहीं हुआ मरीज (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर के मुशहरी में रहने वाले नंदकिशोर को अस्पताल ने कर्जदार बना दिया, इसके बावजूद उन्हें कोरोना संक्रमण से ठीक नहीं कर सका. दरअसल एक ही परिवार के दो भाइयों नंदकिशोर और श्याम को एक साथ कोरोना संक्रमण हुआ था. जिसके बाद नंदकिशोर को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां साढ़े चार लाख का बिल देने के बावजूद वे ठीक नहीं हो सके. जिसके बाद उन्होंने अस्पताल से डिस्चार्ज लेकर घर पर अपना इलाज कराया और दस दिन में ही रिपोर्ट निगेटिव आ गई.

नंदकिशोर ने बताया कि उन्होंने अस्पताल का बिल भरने के लिए जमीन तक गिरवी रख दी. इसके बाद भी वे ठीक नहीं हो रहे थे. उन्होंने कहा कि जिस अस्पताल ने उनसे इलाज के लिए 4.5 लाख का बिल लिया, वहाँ रहकर भी उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव ही रही. जिसके बाद उन्होंने सोचा कि जब मरना ही है तो घर पर ही मरूंगा, क्योंकि उनके पास अस्पताल का खर्चा उठाने की शक्ति नहीं थी. जिसके बाद अस्पताल ने उन्हें कोरोना पॉजिटिव रहते हुए ही डिस्चार्ज कर दिया.

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जिस अस्पताल में नंदकिशोर भर्ती थे, वहाँ एक दिन के लिए उनका 40-45 हजार का बिल बनाया जा रहा था. अस्पताल से डिस्चार्ज लेने के बाद उनका इलाज घर पर रहकर डॉक्टरों की सलाह से चल रहा था. घर पर उनके लिए दवा, ऑक्सीजन समेत तमाम जरूरी व्यवस्थाएं कराई गई. जिसके बाद दस दिन में ही उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई. नंदकिशोर के साथ ही संक्रमित होने वाले उनके भाई श्याम ने अस्पताल में इलाज कराने से मना कर दिया था. उनकी कोरोना रिपोर्ट नंदकिशोर से पहले ही निगेटिव आ चुकी है.

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