सरकार की मुफ्त एंबुलेंस सेवा की खुली पोल,परिजनों को ई-रिक्शा में ले जाना पड़ा शव

Smart News Team, Last updated: Wed, 24th Feb 2021, 12:47 PM IST
बिहार सरकार की मुफ्त एंबुलेंस सेवा के बावजूद परिजनों को महिला के शव को ई रिक्शा में लेकर घर जाना पड़ा. इससे पहले परिजनों ने एंबुलेंस चालक और अधिकारियों से काफी मिन्नतें की लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी जिसके बाद मजबूरी में उन्हें शव को भाड़े के वाहन में ले जाना पड़ा. इस मामले में उपाधीक्षक को जांच के आदेश दिए गए हैं.
सदर अस्पताल से महिला के शव को ई रिक्शा में ले जाते परिजन

मुजफ्फरपुर. नीतीश सरकार की ओर से पूरे प्रदेश में सभी मरीजों के लिए मुफ्त एंबुलेंस सेवा के 15 दिन बाद ही शासन के दावों की पोल खुल गई है. जिले में एक बुजुर्ग महिला के शव को ले जाने के लिए परिजनों के बार-बार मिन्नतें करने के बाद भी जब उन्हें एंबुलेंस नहीं दी गई तो परिजनों को शव को ई-रिक्शा में लेकर अपने घर ले जाना पड़ा.

जानकारी के अनुसार जिले के काशी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला की तबियत बिगड़ गई. परिजनों के सदर अस्पताल ले जाने के क्रम में उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने महिला को मृत घोषित कर दिया. आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से शव वाहन देने की मांग की. परिजनों ने इमरजेंसी वार्ड के सामने खड़ी एंबुलेंस के चालक से गुहार लगाई. लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी.

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इसके बाद लोगों ने उन्हें भाड़े का वाहन कर शव को ले जाने की सलाह दी. उसके बाद मृतक के बेटे ने ई-रिक्शा में शव को रखा और अपने घर ले गया. अधिकारियों की लापरवाही के कारण पहले सभी ने चुप्पी साध ली लेकिन जब मामले ने तूल पकड़ा तो उपाधीक्षक को जांच के आदेश दिए गए.

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