स्वच्छता मामले में बेहद पिछड़ा मुजफ्फरपुर, स्वच्छता सर्वेक्षण में 299 वां स्थान

Smart News Team, Last updated: 21/08/2020 11:39 AM IST
  • भारत सरकार के द्वारा जारी स्वच्छता सर्वेक्षण की सूची में बिहार का कोई भी निकाय टॉप सूची में अपना स्थान नहीं बना पाया. सूची में मुजफ्फरपुर को 299 वां स्थान मिला. बिहार हर कैटेगरी में फिसड्डी ही रहा.
स्वच्छता सर्वेक्षण में मुजफ्फरपुर कोई ख़ासा कमाल नहीं कर सका. रैंकिंग में मुजफ्फरपुर को 299 वां स्थान प्राप्त हुआ है.

मुजफ्फरपुर. भारत सरकार ने गुरुवार को स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 के नतीज़े घोषित कर दिए. इस बार के स्वच्छता सर्वेक्षण में भी बिहार के सभी निकाय रैंकिंग में फिसड्डी ही आएं. राजधानी पटना सहित कोई भी निकाय सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण की वरीयता सूची में अपनी जगह नहीं बना पाया. यदि 10 लाख से अधिक आबादी वाले देश के 47 निकायों की रैंकिंग की बात करें तो उसमें भी पटना अंतिम पायदान पर ही रहा. इसी प्रकार देश के 62 छावनी क्षेत्रों में दानापुर छावनी को स्वच्छता के मामले में सबसे नीचा स्थान मिला है.

नगर विकास और आवास मंत्री सुरेश शर्मा ने जारी सर्वेक्षण रिपोर्ट पर कहा कि बीते साल की अपेक्षा रैंकिंग में कुछ सुधार हुआ है. लेकिन फिर भी वे इससे संतुष्ट नहीं है. ख़ासकर मुजफ्फरपुर की रैंकिंग में सुधार के बावज़ूद अभी काफी काम करने की आवश्यकता है. मुजफ्फरपुर के मेयर सुरेश कुमार ने कहा कि पहले से हमारी स्थिति बेहतर हुई है. अगर मेरे सुझावों पर अमल हुआ होता तो आज हम रैंकिंग में और भी बेहतर होते. वहीं नगर आयुक्त मनीष कुमार मीणा ने कहा कि आगे और बेहतरी का प्रयास करेंगे.

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भारत सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण में 2020 में हुई स्वच्छता परीक्षा कुल 6000 अंकों की थी. इसमें सभी निकायों को जनसंख्या के आधार पर बांटा गया. इसके बाद उनकी रैंकिंग की गई. स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 का परिणाम घोषित करने के लिए गुरुवार को स्वच्छता महोत्सव का आयोजन भी किया गया. पहले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी भाग लेने वाले थे. लेकिन बाद में केंद्रीय आवास और शहरी कार्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देशभर के निकायों की स्वच्छता रैंकिंग जारी की. हर वर्ष की भांति बिहार स्वच्छता में कोई ख़ासा कमाल नहीं कर सका और उसके हाथों में निराशा ही हाथ लगी. 25 हज़ार से लेकर दस लाख से ऊपर आबादी वाली सभी कैटेगरी में राज्य के निकाय वरीयता सूची में तो दूर टॉप 100 में भी जगह नहीं बना सके.

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10 लाख तक की आबादी वाले देश के 382 शहरी निकायों की जारी में बिहार के निकायों को 250 वे नंबर तक भी कोई स्थान नहीं मिला. जानकारी के अनुसार डालमिया नगर (डेहरी) की 255, बेगूसराय की 279, मुंगेर की 297, मुजफ्फरपुर की 299, बेतिया की 303, किशनगंज की 308, हाजीपुर की 313, दरभंगा की 331, सासाराम की 338, बगहा की 343, कटिहार की 349, जमालपुर 359, औरंगाबाद की 360, मोतिहारी की 362, आरा की 363, पूर्णिया की 364, सीवान की 367, दानापुर की 368, छपरा 369, सहरसा 373, बिहारशरीफ 374, परसा बाजार 378, भागलपुर की 379, बक्सर की 381 और गया 382वें पायदान पर है.

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