इफको ने तैयार किए 'ग्रीन पायलट', किसानों को दिया कृषि ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण

Smart News Team, Last updated: Fri, 10th Dec 2021, 3:58 PM IST
  • इफको ने 36 ग्रीन पायलट तैयार किए हैं. 10 दिन के ट्रेनिंग प्रोग्राम में इफको ने किसानों समेत उद्यमियों, एफपीओ को कृषि ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया. कृषि ड्रोन के जरिए 2.5 एकड़ की जमीन पर महज 15 मिनट में उर्वरक का छिड़काव किया जा सकता है.
इफको ने किसानों समेत उद्यमियों, एफपीओ को दिया कृषि ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण

मुजफ्फरपुर: इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) ने WOW गो ग्रीन के सहयोग से कृषि ड्रोन के प्रयोग पर दस दिवसीय गहन प्रशिक्षण का आयोजन किया. इसका उद्देश्य गांव के लोगों में उद्यमशीलता विकसित करना है. विभिन्न राज्यों से प्रगतिशील किसानों, उद्यमियों, एफपीओ और सहकारी बंधुओं सहित कुल 36 प्रतिभागियों ने इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लिया. यह अनूठा कार्यक्रम किसानों के लिए देश में पहली बार आयोजित किया गया. पहले स्टीमुलेटर्स, फिर छोटे ड्रोन और आखिरी में पूर्ण विकसित कृषि ड्रोन के बारे में प्रशिक्षण दिया गया. प्रतिभागियों ने पहले कभी ड्रोन को छुआ तक नहीं था, लेकिन उन्होंने कुछ ही दिन के प्रशिक्षण के बाद इन्हें कुशलतापूर्वक उड़ाना शुरू कर दिया. कृषि-ड्रोन के प्रयोग में सुप्रशिक्षित प्रतिभागियों को "ग्रीन पायलट" नाम दिया गया. इन ग्रीन पायलटों ने न केवल अपने खेतों में इस तकनीक का प्रयोग करने बल्कि इसके बारे में जागरूकता फैलाने और अपने-अपने क्षेत्रों में अन्य किसानों के साथ जानकारी साझा करने की शपथ ली.

इफको के एमडी डॉ. उदय शंकर अवस्थी ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि कृषि में ड्रोन का प्रयोग आधुनिक समुन्नत कृषि की दिशा में अग्रणी कदम है. इसके प्रयोग से न केवल किसानों की लागत कम होगी बल्कि फसलों का उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. ग्रामीणों को उद्यमिता के नए अवसर उपलब्ध होंगे. इस प्रकार ड्रोन तकनीक में प्रशिक्षण किसानों के लिए काफी फायदेमंद होगा.

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इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के सूत्रधार इफको के मार्केटिंग डायरेक्टर योगेन्द्र कुमार ने कहा कि यह कार्यक्रम कृषि में नई तकनीकों के प्रयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा. सरकार जब कृषि ड्रोन के प्रयोग पर नीति लाने जा रही है, ऐसे में जरूरी है कि किसानों को इस तकनीक के बारे में प्रशिक्षित किया जाए. ताकि आधिकारिक तौर पर जब इसकी घोषणा हो तब लोग इसे स्वीकार कर सकें. एक कृषि-ड्रोन के जरिए 15 मिनट में 2.5 एकड़ की जमीन पर उर्वरक का छिड़काव किया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर कृषि के विजन को साकार करने की दिशा में इफको द्वारा उठाया गया कदम है.‌ इसके जरिए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक में प्रशिक्षण देकर 2025 तक उनकी आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी. इफको का यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो भारत में आधुनिक कृषि तकनीकों की दिशा में दूरगामी परिवर्तन लाएगा.

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केंद्रीय कृषि मंत्रालय में उर्वरक विभाग के अवर सचिव सचिन कुमार ने भी एफएमडीआई में अपने दौरे के दौरान ग्रीन पायलटों को संबोधित करते हुए इफको के प्रशिक्षण कार्यक्रम की काफी सराहना की. इफको के संयुक्त प्रबंध निदेशक राकेश कपूर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र में कहा कि उद्यमियों के लिए इफको और WOW द्वारा तैयार किया गया बिजनेस मॉडल में सफलता की संभावना ज्यादा है.

इफको का एफएमडीआई हजारों किसानों और कृषि प्रेमियों को कृषि के विभिन्न पहलुओं के बारे में प्रशिक्षण देता है. यह देश के सर्वश्रेष्ठ किसान प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है. इसमें 100 से अधिक प्रशिक्षुओं के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हैं. इफको, आईसीएआर सहित अन्य प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञ और वैज्ञानिक यहां नियमित रूप से आते रहते हैं.

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