मुजफ्फरपुर में कोरोना और वायरल बुखार से निपटेगी 67 MBBS डॉक्टरों की स्पेशल टीम, सभी CHC, PHC में होगी तैनाती

Deepakshi Sharma, Last updated: Thu, 9th Sep 2021, 12:12 PM IST
  • बिहार के मुजफ्फरपुर में कोरोना की तीसरी लहर और वायरल बुखार पर रोक लगाने के लिए तैयारी जोरों पर है. 67 एमबीबीएस डॉक्टर्स की एक टीम को तैनात वहां किया जाएगा. इसके अलावा 16 प्रखंडो के पीएचसी, सीएचसी और एपीएचसी में नियुक्त किया जाएगा. साथ ही सदर हॉस्पिटल में बंद पड़े एमसीएच को भी चालू कर दिया गया है.
बिहार के मुजफ्फरपुर में कोरोना और वायरल बुखार को मात देंगे 67 MBBS डॉक्टर्स

मुजफ्फरपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर में कोरोना की तीसरी लहर के प्रकोप और वायरल बुखार को रोकने के लिए जबरदस्त तैयारी की जा रही है. 67 एमबीबीएस डॉक्टर्स की एक टीम तैयार की जाएगी, जिन्हें सभी 16 प्रखंडो के पीएचसी, सीएचसी और एपीएचसी में प्रतिनियुक्त किया जाएगा. अभी तक 12 से ज्यादा डॉक्टर्स ने ज्वाइन करते हुए काम करना शुरू कर दिया. साथ ही नर्सों के जो पहले से तय किए गए पद है वहां पर भी प्रतिनियुक्ति की बात कही जा रही है. वहीं, राज्य के स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशख मनोज कुमार ने तो कोरोना की तीसरी लहर के बारे में सोचते हुए खाली पदों पर तुरंत नियुक्ति के आदेश तक दे दिए थे. साथ ही आलोक में तो एमबीबीएस डॉक्टर्स की प्रतिनियुक्ति भी की जा रही है.

भले ही बिहार में इस वक्त कोरोना की तीसरी लहर ने तांडव नहीं मचाया है, लेकिन वायरल बुखार और ब्रोंकाइटिस्ट ने लोगों को परेशान कर रखा है. इसका सबसे ज्यादा शिकार ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बच्चे हो रहे हैं. इसके अलावा सिविल सर्जन डॉक्टर विनय शर्मा ने इस बात को साझा किया कि जिले के अलग-अलग पीएचसी में दवा और जांच का सामान भेजा गया है. जिन्हें भी वायरल बुखार होगा उनका सबसे पहले इलाज पीएचसी में होगा. साथ ही आशा की मदद से घर-घर जाकर वायरल बुखार की जांच तक की जा रही है. सभी जगहों पर इस वक्त डॉक्टर्स और एएनएम को तैनात किया गया है. क्या-क्या कब-कब हो रहा है इस बात की जानकारी एक रिपोर्ट में अपडेट की जा रही है.

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सबसे अहम जानकारी ये भी है कि सदर हॉस्पिटल में बंद पड़े एमसीएच को चालू कर दिया गया है. पिछले दो हफ्ते से मरीजों की संख्या इलाज के लिए बढ़ती चली जा रही है.इसी को देखते हुए जल्द से जल्द इलाज करना शुरू कर दिया गया है. वायरल बुखार के केस से जुड़े पहले 6 बच्चों को इसमें पहले दिन भर्ती कराया गया. इस दौरान सिविल सर्जन ने भी खुद सभी चीजों का निरीक्षण किया. साथ ही उन्होंने शिशु रोग विशेषज्ञ को ये भी कहा कि मरीजों के इलाज के लिए किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें. साथ ही महिलाओं की डिलीवरी भी होना चाहिए. उन्हें रेफर करने से पहले SKMCH के महिला या शिशु रोग विभागाध्यक्ष से फोन पर बात कर लीजिए और फिर दिए गए निर्देश के मुताबिक ही मरीजों को रेफर कीजिए.

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