एक ही गैंग ने किया था मोतीपुर के ज्वेलर्स और मुर्गा व्यापारी का मर्डर

Smart News Team, Last updated: Tue, 6th Jul 2021, 8:54 PM IST
  • बीते 22 जून 2021 को एक सर्राफ और बीते साल 18 दिसंबर 2020 को एक मुर्गा व्यवसायी की हत्या हो गई थी और 22 अप्रैल 2021 को मोतिहारी के व्यवसायी को भी लूट के दौरान गोली मारी गई थी. इन सभी घटनाओं को एक ही गैंग ने अंजाम दिया था. 
एक ही गैंग ने किया था मोतीपुर के ज्वैलर और मुर्गा व्यापारी का मर्डर

मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपर के मोतीपुर में पुलिस ने हाल ही में हुई एक सर्राफ राजेश साह और नईमउद्दीन नाम के एक मुर्गी व्यवसायी की हत्या का खुलासा किया है. इन दोनों हत्या की वारदातों को एक ही गैंग ने लूट के दौरान अंजाम दिया था. गैंग ने इसके अलावा लूट के दौरान मोतिहारी के एक व्यवसायी को भी गोली मारी थी. मंगलवार को बात का खुलासा एसएसपी जयंतकांत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया. बताते चलें कि बीते 22 जून 2021 को एक सर्राफ और बीते साल 18 दिसंबर 2020 को एक मुर्गा व्यवसायी की हत्या हो गई थी और 22 अप्रैल 2021 को मोतिहारी के व्यवसायी को भी लूट के दौरान गोली मारी गई थी.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी जयंतकांत ने बताया कि इन तीनों वारदातों का मास्टर माइंड बोचहां प्रखंड में संविदा पर कार्यरत टेक्निकल एसिस्टेंट ओमप्रकाश कुमार उर्फ बिट्टू कुशवहा है. बिट्टू कुशवाहा मीनापुर थाना के पानापुर ओपी क्षेत्र के पानापुर इलाके का रहने वाला है. पुलिस ने सोमवार की रात मोतीपुर के कोदरिया पुल के पास से बिट्टू कुशवाहा को वृत बरजी निवासी निखिल कुमार और मृतक सर्राफ के पड़ोस में स्थित लकड़ी की दुकान के मालिक अनिल कुमार भगत के साथ दबोच लिया. पुलिस ने उनके पास से तीन देसी हथियार और गोली बरामद की. उस समय भी वो तीनों लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए इकट्ठा हुए थे.

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उन्होंने आगे बताया कि गिरफ्तार हुए तीनों आरोपियों की निशानदेही पर वृत बरजी से मोहन भगत और देवरिया के मो. सलाम को भी पकड़ा है. पुलिस ने इनके पास से सर्राफ राजेश साह से लूटे गए आभूषणों को बेचने के बाद बचे 28 हजार नकदी और एक कार जब्त की है. इसी कार को मुर्गा व्यवसायी की हत्या के बाद शव को ठिकाना लगाने में इस्तेमाल किया गया है. हाल ही में इस गैंग ने मुजफ्फरपुर-मोतिारी एनएच 28 फोरलेन पर तकरीबन पांच लूट की वारदात को अंजाम दिया है जिनमें से दो की मौत भी हुई है.

कॉन्फ्रेंस में एसएसपी जयंतकांत ने कहा कि राजेश साह की हत्या के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया. एएसपी वेस्ट टीम को लीड कर रहें थे. टीम में मोतीपुर थानेदार अनिल कुमार, सब इंस्पेक्टर अमित कुमार, अभिषेक कुमार व हेमंत कुमार को शामिल किया गया. मैनुअल छानबीन के अलावा तकनीकी छानबीन में तीनों की लोकेशन पुलिस को मिल गई. गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपीयों से गहनता से पूछताछ करने पर तीनों ने हत्याकांड में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली और अपने साथियों के भी नाम बताये. उनकी गैंग का एक साथी विशाल अभी भी फरार है जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम कई इलाकों में छापेमारी कर रही है.

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