मुजफ्फरपुर: छात्रों के विरोध के बाद बढ़ सकती है पीजी की 20 से 30 फीसदी सीटें

Smart News Team, Last updated: 08/10/2020 02:20 PM IST
  • पीजी नामांकन को लेकर छात्रों द्वारा लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा था .पीजी की सीटें घटाई गई थी. इसके पहले कॉलेज में 150 पीजी की सीटें निर्धारित थी. 30 फ़ीसदी सीट की वृद्धि के बाद कॉलेज में 45 अतिरिक्त सीट बढ़ गई थी.
पोस्ट ग्रेजुएशन में नामांकन को लेकर लगातार छात्रों द्वारा प्रदर्शन

मुजफ्फरपुर: पोस्ट ग्रेजुएशन में नामांकन को लेकर लगातार छात्रों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है.

छात्रों के लगातार हो रहे प्रदर्शन के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन भी बैकफुट पर नजर आ रहा है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए सीटों को बढ़ाने का संकेत दे दिया है. इससे पीजी में नामांकन को लेकर विरोध कर रहे छात्रों ने राहत की सांस ली है.

विश्वविद्यालय द्वारा संकेत मिलने के बाद अब लगभग 20 से 30 फ़ीसदी सीटों पर अतिरिक्त नामांकन किए जाने की संभावना जताई जा रही है. इधर एमजेके कॉलेज में नए नियमों के अनुसार जितनी सीटें बची थी. उन अभी नामांकन नहीं हो सका है. अभी भी यह सीटें खाली है.जबकि विश्वविद्यालय की ओर जारी की गई नामांकन सूची के कटआफ लिस्ट में कई विभागों में गत वर्ष विश्वविद्यालय की ओर से पीजी के लिए निर्धारित सीटों से ज्यादा छात्रों के पहली कट ऑफ में जारी किए गए थे. बावजूद पहले कट ऑफ के आधार पर नामांकन पूरा नहीं हो सका है. पहली सूची में अर्थशास्त्र में 65, इतिहास में 68 व भूगोल में 51 छात्र-छात्राओं के नाम थे जबकि इन विषयों में सीटों की संख्या 64-64 तक ही सीमित है.

मुजफ्फरपुर: उदय शंकर ने छोड़ा स्टार एंड डिज्नी इंडिया अध्यक्ष पद, नया काम करेंगे

इन विषयों में थी इतनी सीटें

वहीं हिन्दी में 46,अंग्रेजी में 44 तथा राजनीति शास्त्र में 62 छात्र-छात्राओं का नाम जारी किया गया था जबकि इन विषयों में सीटों की संख्या 48-48 तक ही सीमित है. कॉलेज के परीक्षा नियंत्रक डॉ एनके बैठा की मानें तो अभी पीजी की सीटें फुल नही हुई हैं. इधर विश्वविद्यालय ने बची हुए सीटों के लिए दूसरा कट ऑफ भी जारी कर दिया है. प्राचार्य डॉ सुरेंद्र प्रसाद केसरी ने बताया कि दूसरे कट ऑफ के बाद नामांकन की रिपोर्ट बनाकर विश्व विद्यालय भेजी जाएगी. उसके बाद ही तीसरा कट ऑफ निकलेगा. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से सीटें बढ़ाने की भी सूचना मिल रही है. उम्मीद है कि 20 से 30 फीसद पीजी की सीटें बढ़ सकती हैं.

गत वर्ष ही घटाई गई थी पीजी की सीटें

विश्वविद्यालय प्रशासन ने पिछले साल ही एमजेके कॉलेज में पीजी की सीटें घटाई थी. पूर्व में कॉलेज में अर्थशास्त्र, भूगोल, अंग्रेजी, हिन्दी, राजनीति शास्त्र व इतिहास में 150-150 पीजी की सीटें निर्धारित थी. जिसमें 30 फीसदी की वृद्धि हुई भी की गई थी. जिसके बाद 45-45 अतिरिक्त सीटें जुड़ने के बाद सीटों की संख्या बढ़कर प्रत्येक विषय में 195- 195 हो गई थी लेकिन गत वर्ष विश्वविद्यालय ने पीजी की सीटों की संख्या घटाकर 48 व 64 के स्लॉट में सीमित कर दी थी.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें