जिसे परिवार वाले समझ रहे थे मृत वो जेल में था 4 साल से बंद, जानें पूरा मामला

Somya Sri, Last updated: Wed, 9th Feb 2022, 10:40 AM IST
  • बिहार के मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल में बच्चा चोरी के आरोप में पश्चिम बंगाल के निवासी नूर मोहम्मद 4 साल से बंद थे. लेकिन उनके परिवार वालों को लगा की मोहम्मद की मृत्यु हो गई है. हालांकि 3 महीने पहले एक वकील को नूर मोहम्मद के केस की पैरवी करने को कहा गया. जिसके बाद मोहम्मद के जीवित होने की बात परिवार वालों को पता चला. फिलहाल मोहम्मद जमानत पर जेल से बाहर हैं.
4 साल से पश्चिम बंगाल निवासी नूर मोहम्मद मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल में बंद था (प्रतीकात्मक फोटो)

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आ रहा है. जहां पश्चिम बंगाल के निवासी नूर मोहम्मद जिन्हें उनके परिवार वाले 4 सालों से मृत समझ रहे थे वे मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल में बंद मिले. पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के बोरवा थाना निवासी नूर मोहम्मद मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल में पिछले 4 सालों से बंद थे. उनके परिवार वालों को लगा कि उनकी मौत हो गई इसलिए उन्होंने कोई खोज खबर नहीं ली. वहीं वकील के जरिए जब उन्हें मालूम पड़ा कि नूर मोहम्मद जिंदा है तो वे आनन-फानन में मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल पहुंचे और वहां से उन्हें रिहा कराया. परिवार वाले खुशी से झूम रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक अधिवक्ता होमा परवीन को जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने 3 महीने पहले नूर मोहम्मद के केस की पैरवी करने को कहा था. जिसके बाद उन्होंने नूर मोहम्मद के केस से संबंधित कागजातों को खंगालना शुरू किया. इस दौरान उन्हें किसी भी कागजातों पर राज्य का नाम ही नहीं मिला. कागजात पर मुर्शिदाबाद जिला और सोन्दरपुर गांव लिखा हुआ था. उन्होंने जब खंगालना शुरू किया तो मुर्शिदाबाद जिला उन्हें त्रिपुरा में मिला. लेकिन वहां सोन्दरपुर नामक कोई भी गांव नहीं मिला. इसके बाद उन्हें इंटरनेट पर पता चला कि मुर्शिदाबाद जिला पश्चिम बंगाल में भी है वहां उन्होंने जिसके बाद उन्होंने डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन से बात कर नूर मोहम्मद के परिवार वालों का नंबर निकाला.

Video: पोते की छठी में जागी दादा की ठरक ! दारू पीकर डांसर के साथ ऐसा नाचा कि अरेस्ट हो गया

अधिवक्ता के मुताबिक जब उन्होंने नूर मोहम्मद के परिवार वालों से फोन पर बातचीत की और उन्हें बताया कि नूर मोहम्मद जिंदा है तो खुशी से झूम उठे. उनका बेटा जलील खान अपने परिवार के साथ तुरंत ही मुजफ्फरपुर जेल पहुंच गया. नूर मोहम्मद अब जमानत पर जेल से बाहर हैं. वहीं परिवार वाले उन्हें वापस से पाकर बेहद ही खुश हैं. नूर मोहम्मद मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल में बच्चा चोरी के आरोप में 4 साल से बंद थे. जलील खान का कहना है कि उनके पिता की दिमागी हालत अचानक से बिगड़ गई थी. इलाज कराने के बाद भी वह ठीक नहीं हो पाए. वहीं साल 2017 के बाद वह अचानक से गायब हो गए. हमें लगा कि उनकी मृत्यु हो गई.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें