मुजफ्फरपुर: इमामबाड़ा के पास शव दफनाने पर 10 घंटे बवाल तब कब्रगाह गए, 144 लगा

Smart News Team, Last updated: 21/08/2020 08:36 PM IST
  • मुजफ्फरपुर के कमरा मोहल्ले में इमामबाड़ा के पास कब्र खोदकर शव दफनाने को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई और दस घंटे तक बवाल और तनाव के बाद परिवार कब्रगाह में शव को दफनाने के लिए मान गया. एसडीओ ने तनाव को देखते हुए इलाके में धारा 144 लगाकर पुलिस की तैनाती कर दी है.
मुजफ्फरपुर के कमरा मोहल्ला में कब्र खोदने को लेकर विवाद छिड़ा था जिसकी वजह से पूरे दिन तनाव पसरा रहा.

मुजफ्फरपुर. शहर का कमरा मोहल्ला शुक्रवार की सुबह से शाम तक एक शव को इमामबाड़ा के पास कब्र खोदकर दफनाने के सवाल पर रणक्षेत्र बना रहा. एक पक्ष इमामबाड़ा के पास ही शव दफनाने पर अड़ा तो दूसरे पक्ष के साथ मारपीट और पत्थरबाजी हो गई. प्रशासन ने कई घंटे की मशक्कत के बाद परिजनों को कब्रिस्तान में शव दफनाने के लिए मना लिया. तनाव को देखते हुए धारा 144 लगा दिया गया है और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. 

ये सारा विवाद कमरा मोहल्ले में तकी खां के वंशज के शव दफनाने को लेकर शुरू हआ. जफर आलम (50) की तबीयत खराब होने की वजह से गुरुवार की देर मौत हो गई. परिजन सुबह करीब आठ बजे शव को दफनाने के लिए कमरा मोहल्ला के इमामबाडा के पास कब्र खोदने लगे. इसका मौलाना काजिम शबीब और उनके समर्थकों ने विरोध किया और कहा कि वे किसी सूरत में शव को इमामबाड़ा के समीप नहीं दफनाने देंगे. शव को कब्रिस्थान में जाकर दफन करें. 

मुजफ्फरपुर: कमरा मोहल्ला में शव दफनाने पर दो पक्ष में तनाव, मारपीट, पुलिस तैनात

इसी पर दोनों पक्ष में विवाद बढ़ा और दोनों आपस में भिड़ गये. एक-दूसरे पर रोड़ा-पत्थर और लाठी-डंडे से हमला कर दिया. हिंसक झड़प और पत्थरबाजी में कई लोग जख्मी हो गए. मामला बिगड़ा तो नगर थानेदार ओमप्रकाश, सिकंदरपुर ओपी प्रभारी हरेंद्र कुमार और मिठनपुरा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. दोनों पक्षों को सख्ती से अलग किया और शांत कराने का प्रयास किया. लेकिन दोनों पक्ष किसी की भी बात मानने को तैयार नहीं थे. 

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एसडीओ पूर्वी और नगर डीएसपी कमरा मोहल्ला पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया. सुबह आठ बजे से शाम करीब छह तक गतिरोध बना रहा. एसडीओ ने कमरा के इमामबाड़ा को सील कर दिया है. वहीं परिजनों ने शव को गोला रोड स्थित कब्रिस्थान में दफनाने की हामी भर दी है. तनाव बरकरार है इसलिए डीएसपी रामनरेश पासवान ने पुलिस बल तैनात कर दिया है. 

बहुत मशक्क्त के बाद एसडीओ और डीएसपी ने कब्रिस्तान में दफनाने को मनाया

एसडीओ पूर्वी और नगर डीएसपी ने दोनों पक्ष को समझाने का भरपूर प्रयास किया. कई राउंड बैठक हुई लेकिन कोई भी प्रशासन की सुनने को तैयार नहीं था. समर्थक बीच-बीच में हंगामा कर दे रहे थे. 

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मौलाना का कहना था कि इमामबाड़ा के पास शव दफनाना सरियत कानून के खिलाफ है. जफर आलम के परिजनों का कहना था कि उनके पूर्वजों को इमामबाड़ा के समीप ही दफनाया जाता रहा है और वे यहीं शव दफन करेंगे. बाद में जफर आलम के घर वाले कब्रिस्तान में शव को दफनाने को मान गए.

एसडीओ ने कमरा इमामबाड़ा सील किया, निषेद्याज्ञा लगाकर पुलिस तैनात

एसडीओ पूर्वी ने इमामबाड़ा को सील करवा दिया है. दोनों पक्ष के समर्थकों को पुलिस ने सख्ती से उनके घर भेजा. एसडीओ ने पूरे कमरा मोहल्ला में निषेद्याज्ञा आदेश तक लागू कर दिया है. पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है.

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