मुजफ्फरपुर के भू-अर्जन कार्यालय में ऑडिट रिपोर्ट में मिला 125 करोड़ का अंतर, मचा हड़कंप

MRITYUNJAY CHAUDHARY, Last updated: Thu, 24th Feb 2022, 6:05 PM IST
  • मुजफ्फरपुर के भू-अर्जन कार्यालय में ऑडिट रिपोर्ट में 125 करोड़ का अंतर मिला है. ऑडिट से हुए खुलासे के बाद वहां पर हड़कंप मच गया है. इसके साथ ही कार्यालय के कई बैंक खाते भी मिले है.
मुजफ्फरपुर के भू-अर्जन कार्यालय में ऑडिट रिपोर्ट में मिला 125 करोड़ का अंतर, मचा हड़कंप

मुजफ्फरपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर में भू-अर्जन कार्यालय के ऑडिट रिपोर्ट बड़ी गड़बड़ी होने का मामला सामने आया है. वहीं यह अंतर सवा अरब का है. इस मामले को लेकर  महालेखाकार टीम ने कहा कि भू-अर्जन कार्यालय के ऑडिट रिपोर्ट जो गड़बड़ी पकड़ी गई है उसके कोई साक्षीय उपलब्ध नहीं कराया गया है. कार्यालय की तरफ से बताया गया है कि योजनों की तरफ से बची हुई राशि संबंधित विभाग को लौटा दी गई है, लेकिन उस राशि का कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया. इसके लिए महालेखाकार ने भू-अर्जन पदाधिकारी से जवाब मांगा है.

बताया जा रहा है कि इसके लिए नियमों पर ताक पर रखकर निजी बैंक में पैसा को रखा गया था. इस मामले को लेकर वित्त विभाग कि तरफ से निर्देश दिया गया है कि किसी भी कार्यालय का एक ही बैंक खाता होगा. उसी बैंक खाते से कार्यालय के सभी लेनदेन होंगे. इसके बावजूद भू अर्जन कार्यालय में कुल 47 रोकड़ बही मिले है. साथ ही कार्यालय के बैंक खातों की संख्या 48 पायी गई है. इतना ही नहीं वित्त विभाग के स्पष्ट निर्देश के बावजूद योजनाओं का पैसा राष्ट्रीकृत बैंक में न रखकर निजी बैंक खातों में रखा गया है.

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जानकारी के अनुसार इस बड़बड़ी को महालेखाकार ने पकड़ा है. उनके अनुसार भू-अर्जन कार्यालय के दो बैंक खाते मिली है. इस जांच में रोकड़ भी से अधिक राशि मिली है. जांच टीम को बताया गया कि रोकड़ बही के अनुसार सिर्फ 53 करोड़ रुपये है, लेकिन जब उसकी बैंक खाते की जांच की गई थी तो पता चला कि उसमें  63 करोड़ रुपए जमा किए गए है. उसी बैंक के दूसरे खाते की जांच की तो इसी तरह की गड़बड़ी मिली.

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