मुजफ्फरपुर: जमीन दान के आवदेन पर ध्यान नहीं दे रहे विभाग, प्रोजक्ट सालों से लटके

Smart News Team, Last updated: Fri, 22nd Jan 2021, 7:46 AM IST
मुजफ्फरपुर जिले में कई महत्वपूर्ण प्रोजक्ट जमीन न होने की वजह से वर्षों से लटके हैं. वहीं, दूसरी ओर जमीन दान देने की इच्छा रखने वाले लोग भटक रहे हैं. दो अलग-अलग जगहों पर अस्पताल और स्कूल के लिए जमीन दान देने के लिए आदमी तैयार हैं. संबंधित विभाग के अधिकारी उनके आवेदनों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं
महंत डॉ, श्याम सुंदर (स्कूल के लिए जमीन दान) और नरेंद्र चौधरी (अस्पताल के लिए जमीन दान)

मुजफ्फरपुर. जिले में कई महत्वपूर्ण प्रोजक्ट जमीन न होने की वजह से वर्षों से लटके हैं. वहीं, दूसरी ओर जमीन दान देने की इच्छा रखने वाले लोग भटक रहे हैं. इन जमीन मालिकों के प्रस्ताव पर कहीं कोई विचार नहीं हो रहा है.

जिले में दो अलग-अलग जगहों पर अस्पताल और स्कूल के लिए जमीन दान देने के लिए दो आदमी तैयार हैं, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी उनके आवेदनों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. हैरानी होती है कि जमीन देने के लिए भी चक्कर काटने पड़ रहे हैं.  

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बात करते हैं स्कूल के लिए जमीन दान देने के मामले की, यह कहानी संकरा प्रखंड के जगदीशपुर बाघनगरी पंचायत की है. यहां एक मठ के मंहत जिनका नाम डॉ. श्याम सुंदर हैं. चार साल पहले इन्होंने यहां केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए 7.49 एकड़ जमीन दान देने की इच्छा केंद्रीय विद्यालय संगठन से जतायी थी. संगठन के अधिकारी जमीन की जांच कर विद्यालय स्थापना की स्वीकृति दी. प्रक्रिया का पालन करते हुए केंद्रीय विद्यालय संगठन ने जिला प्रशासन के माध्यम से प्रस्ताव की मांग की. संगठन ने कहा कि जिला प्रशासन शिक्षा विभाग के जरिए अपना प्रस्ताव भेजे.

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दूसरा मामला जून 2020 का है. एसकेएमसीएच का उद्धाटन करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की थी कि राज्य के प्रत्येक गांव में एक स्वास्थय उपकेंद्र खोला जाएगा. आगे कहा कि जिस भी गांव में अस्पताल के लिए सरकारी जमीन नहीं है, वहां यदि कोई जमीन दान देता है तो उसके नाम पर ही अस्पताल खोला जाएगा. यह सुनकर खंगुराडीह में रहने वाले रिटायर इंजीनियर नरेंद्र चौधरी ने अधिकारियों को अपने गांव में हॉस्पिटल खोलने के लिए 55 डिसमिल जमीन देना चाहते हैं. जमीन का प्रस्ताव केवाला पेपर, उसकी करेंट रसीद तक ऑनलाइन विभाग को उपलब्ध करायी लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ.

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