मुजफ्फरपुर: पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने घर आ रहे पुत्र की हादसे में मौत

Smart News Team, Last updated: 21/08/2020 12:11 PM IST
  • मुजफ्फरपुर में एक युवक की सड़क हादसे में उस वक्त मौत हो गई जब वो पिता की मौत की खबर सुनकर उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अपने घर जा रहा था. 
मुजफ्फरपुर: पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने घर आ रहे पुत्र की हादसे में मौत

मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर में एक शख्स की सड़क हादसे में मौत हो गई. उस समय वो अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जा रहा था. दरअसल 30 वर्षीय युवक मुन्ना कुमार पटेल पूर्णिया से अपने घर बरुराज थाना क्षेत्र के मगुराहां आ रहा था. गुरुवार को इस दौरान सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई. पूर्णिया में एक ट्रक ने उसे कुचल दिया. हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों से इसकी जानकारी ली गई है. पता चला है कि मुन्ना गाड़ी से उतर कर सड़क पार कर रहा था जिस समय ट्रक ने उसे कुचल दिया.

इस घटना की जानकारी स्थानीय निवासियों ने पुलिस को दी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसके गांव इसकी जानकारी दी. इसी के बाद पिता के शव के अंतिम संस्कार को रोक दिया गया और परिजन गांव वालों संग मुन्ना का शव लेने के लिए पूर्णिया के लिए रवाना हो गए. दो दिन में घर में दो मौत होने से परिजनों में कोहराम मच गया और गांव भर में मातम रहा.

मुजफ्फरपुर मातृत्व लाभ बिचौलिया घोटाला: 65 साल की औरत, 18 महीने में 8 बच्चे पैदा

परिजनों ने बताया कि मुन्ना के पिता, 75 वर्षीय मुन्नीलाल पटेल कई दिनों से बीमार चल रहे थे. कुछ दिनों पहले उनकी हालात गंभीर हो गई तो परिजनों ने उन्हें शहर के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था. गुरुवार सुबह को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. इसकी जानकारी उनके बेटे को दी गई. बेटे ने परिजनों से कहा कि वो घर आ रहा है. 

लॉकडाउन में TV और सोशल मीडिया पर समय बिताने को मजबूर बिहार के किशोर, सर्वे

वहीं दूसरी ओर परिजनों ने पिता के शव को शहर के अस्पताल से गांव ले जाने की तैयारी की. इसी उन्हें खबर द गई कि मुन्ना की सड़क हादसे में मौत हो गई. परिजनों ने मुन्नीलाल पटेल के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को रोका और मुन्ना का शव लाने निकल गए. जानकारी के अनुसार मुन्ना कुमार मुन्नी का दूसरा बेटा था. उसके तीन भाई हैं. बड़े भाई की गुजरात में किराना दुकान है. दो भाई घर पर ही काम करते है. 

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें