मुजफ्फरपुर: शिक्षकों को मिलेगी बच्चों के नए प्रयोग सीखने की ट्रेनिंग

Smart News Team, Last updated: Wed, 10th Mar 2021, 9:20 AM IST
  • मुजफ्फरपुर के बच्चों की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में कला के माध्यम से किए गए प्रयोगों को पहली बार आईसीटी बेस्ड आर्ट इंटीग्रेटेड लर्निंग किताब में शामिल किया गया है. जिसे बिहार के साथ ही देश के सभी राज्यों में टीचर की ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा. जिससे इन प्रयोगों को सभी स्कूलों में लागू किया जा सके.
देश के सभी राज्य के शिक्षकों को बच्चों के नए प्रयोग सीखने के लिए मिलेगी ट्रेनिंग

मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर के बच्चों की ओर से किए गए नए प्रयोगों से अब स्कूल के शिक्षक भी पढ़ेंगे और सीखेंगे. बच्चों ने ये प्रयोग शिक्षा के क्षेत्र में कला के माध्यम से किए है. सरकारी स्कूल के इन बच्चों ने अपनी पढ़ाई में जो भी नए प्रयोग किए है. सरकार ने उन प्रयोगों को मान्यता प्रदान करते हुए इंटीग्रेटेड लर्निंग किताब में शामिल किया है. पहली बार इस किताब को फेस टू फेस टीचर ट्रेनिंग के लिए आईसीटी आधारित बनाया जा रहा है. इस किताब से चेतना सत्र के साथ ही कक्षा में पढ़ने के तरीकों में भी बदलाव आएगा.

एससीईआरटी बिहार की ओर से पहली बार आईसीटी बेस्ड आर्ट इंटीग्रेटेड लर्निंग किताब का प्रकाशन किया जा रहा है. इस किताब में मुजफ्फरपुर के बच्चों की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में कला के माध्यम से किए गए नए प्रयोगों को शामिल किया गया है. इसमें जिले के चार सरकारी स्कूल के बच्चों के प्रयोग शामिल है. जिसे अब बिहार ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्य भी सीखने के लिए शिक्षक ट्रेनिंग लेंगे. जिससे सभी स्कूलों में इन प्रयोगों को लागू किया जा सके.

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इस किताब को एनसीटीआई से मान्यता प्राप्त है. जिसे अब बिहार के साथ देश के सभी राज्यों के एनसीईआरटी और एससीईआरटी में भेजा जा रहा है. शिक्षकों को कला पर आधारित शिक्षा की ट्रेनिंग देने के लिए उन्हें यह किताब दी जा रही है. इस किताब में मुजफ्फरपुर के ढेमहा उ. म. विद्यालय, ब्रह्मपुरा मोतीपुर स्कूल, उ. म. विद्यालय चिकटा कुढ़नी और रामपुर बगहा स्कूल के बच्चों के प्रयोग शामिल है. जिसके प्रकाशन का अंतिम चरण चल रहा है.

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इस किताब के लेखक और चित्रकार के रूप में शामिल गोपाल फलक का कहना है कि इस किताब में चेतना सत्र में बच्चों की ओर से विभिन्न आकृति में खड़े होने का प्रयोग शामिल किया गया है. इसके साथ ही कक्षा में पपेट के माध्यम से बच्चों की सीखने की तकनीक भी शामिल की गयी है.

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