बिहार बाढ़: केसरिया स्तूप से कोल्हुआ अशोक स्तंभ जैसे ऐतिहासिक धरोहर खतरे में

Smart News Team, Last updated: 09/08/2020 10:03 AM IST
  • उत्तर बिहार के ऐतिहासिक धरोहरों को बाढ़ से खतरा है. कई स्थल पानी से घिर गए हैं. वैशाली से लौरिया तक ऐतिहासिक बौद्ध पर्यटन स्थल बाढ़ में डूबे हैं. केसरिया बौद्ध स्तूप परिसर महीने भर से जलमग्न है और चहारदीवारी गिर चुकी है. कोल्हुआ अशोक स्तंभ और बौद्ध स्तूप परिसर में बाढ़ का पानी घुसा है. 
पूर्वी चंपारण में ऐतिहासिक केसरिया बौद्ध स्तूप स्थल के चारों ओर गंडक का पानी आने से दक्षिण- पूर्वी चहारदीवारी गिर गई है

मुजफ्फरपुर. उत्तर बिहार के ऐतिहासिक धरोहरों को बाढ़ से खतरा है. वैशाली से लेकर पश्चिमी चंपारण के लौरिया तक ऐतिहासिक बौद्ध पर्यटन स्थल बाढ़ के पानी में डूबे हैं. बता दें कि बाढ़ में पूर्वी चंपारण का केसरिया बौद्ध स्तूप का परिसर डूबा हुआ है. इसी की दक्षिण-पूर्वी चहारदीवारी गंडक की बाढ़ में गिर गई है. कोल्हुआ बौद्ध स्तूप परिसर की अपेक्षा आसपास की जमीन ऊंची है. बारिश में चारों ओर का पानी बौद्ध स्तूप परिसर में भर जाता है. जलनिकासी के लिए ह्यूम पाइप लगाकर तालाब को निकटवर्ती नहर से जोड़ा गया है,परन्तु नहर में बेहिसाब पानी आ जाने से जलनिकासी ठप है.

केसरिया स्तूप परिसर में चारों ओर एक महीना से अधिक दिनों से सैलाब है. पहले बारिश का पानी जमा हुआ. भवानीपुर में गंडक नदी का चंपारण तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का बेहिसाब पानी आ गया. दक्षिण-पूर्वी चहारदीवारी पानी में ध्वस्त हो गई है. परिसर में जाने वाली सड़क पर भी पानी है.

मुजफ्फरपुर में सरैया प्रखंड के कोल्हुआ स्थित ऐतिहासिक अशोक स्तंभ एवं बौद्ध स्तूप परिसर में बाढ़ का पानी जमा है

मुजफ्फरपुर के सरैया प्रखंड अंतर्गत कोल्हुआ अशोक स्तंभ और बौद्ध स्तूप परिसर में बाढ़ का पानी फैला हुआ है. पश्चिमी चंपारण में लौरिया अशोक स्तंभ परिसर कई दिनों तक सिकरहना नदी की बाढ़ के पानी में डूबा रहा. हर साल की बाढ़ से इन पुरातात्विक महत्व के प्रमुख स्थलों को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है, परन्तु इनके संरक्षण व सुरक्षा की कोई कार्ययोजना नहीं दिख रही है. 

बिहार, अधीक्षण पुरातत्वविद, हेम सागर नायक ने कहा कि, वैशाली, केसरिया से लेकर लौरिया तक के ऐतिहासिक स्थल हमारे धरोहर हैं. यहां अब हर साल बाढ़ आने से पुरातात्विक स्थलों की सुरक्षा को खतरा पैदा होने लगा है. मैं इनकी सुरक्षा का प्लान बनाकर मुख्यालय को भेजूंगा.

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