पंचायत सचिव ने सरकारी पैसा लेकर भी नहीं बनवाया सामुदायिक शौचालय, जांच शुरू

Smart News Team, Last updated: Mon, 28th Dec 2020, 2:38 PM IST
  • मुजफ्फरपुर के बोचहां प्रखंड में पंचायत सचिव ने सरकारी राशि लेने के बाद भी सामुदायिक शौचालय नहीं बनवाया. शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू हो गई है और डीएम को सौंपी गई रिपोर्ट में पंचायत सचिव पर लापरवाही के आरोप लगे हैं.
पंचायत सचिव ने सरकारी पैसा का किया गलत इस्तेमाल. नहीं बनवाया सामुदायिक शौचालय.

मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर के बोचहां प्रखंड के सर्फुददीनपुर के पंचायत सचिव द्वारा कम्यूनिटी टॉयलेट निर्माण के लिए पंचम वित्त आयोग से राशि निकालने के बाद भी निर्माण का काम नहीं कराए जाने का मामला सामने आया है. जिसके संबंध में शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू हो चुकी है.

डीएम को सौंपी गई रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि सरकारी पैसा का दुरुपयोग किया गया है. आरोपी पंचायत सचिव ने अपने काम में लापरवाही दिखाई है इसलिए वरीय उप समाहर्त्ता ने उचित कार्रवाई करने के लिए डीएम से कहा है. वरीय उपसमाहर्त्ता ने डीएम को दी रिपोर्ट में कहा है कि जनसेवक सह पंचायत सचिव सुरेंद्र पासवान के द्वारा सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए पंचम वित्त आयोग से पैसा निकाल लिया गया था लेकिन निर्धेश के बाद भी काम शुरू नहीं किया गया और आज तक भी काम पूरा नहीं हुआ है. 

शादी के 5 दिन बाद ससुराल वालों से मांगा संपत्ति में हिस्सा, पत्नी ने कराई FIR

वरीय उप समाहर्ता ने कहा कि बार-बार पंचायत सचिव को काकम पूरा करने का आग्रह किया गया और निर्देश भी दिए लेकिन फिर भी कोई प्रगति देखने को नहीं मिली. इसी बीच पंचायत सचिव का ट्रांसफर हो गया और वह अब औराई प्रखंड में उक्त पंचायत सेवक के पद पर हैं. उनपर सरकारी पैसे के गलत इस्तेमाल का केस बनता है. 

मुजफ्फरनगर नगर निगम के विस्तार के बाद तीन से चार गुणा बढ़ेंगे जमीन के दाम

जानकारी के लिए बता दें कि पंचायत स्तर पर प्रशासन की सही से निगरानी नहीं होने के कारण सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं. वहीं डीएम के आदेश पर हर हफ्ते जिला स्तर पर विशेष टीम प्रत्येक प्रखंड के हर वार्ड पर हुए कामों की जांच कर रही है. इसमें कई मुखिया से लेकर बीडियो से सफाई मांगी गई और उनपर कार्रवाई की गई. 

नए साल में बिहार में ढाई लाख नौकरियों की बहार, जानें कौन से हैं वो विभाग 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें