मुजफ्फरपुर में बढ़ा कोरोना का डर, सरकारी अस्पताल जाने से कतरा रहे हैं मरीज

Smart News Team, Last updated: 03/12/2020 10:43 PM IST
  • बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में कोरोना संक्रमण का खौफ इस कदर लोगों के अंदर बैठ गया है की जिले के लोग किसी भी सरकारी अस्पताल में भर्ती नहीं होना चाहते है. जो मरीज भर्ती होने के लायक भी होते है वो भी दवा लेकर अपने घर चले जा रहे है.
कोरोना संक्रमण की डर से नार्मल मरीज भी सरकारी अस्पतालों में जाने से डर रहे है

मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर में कोरोना का डर इस कदर फैल गया है कि वहां के सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए सामान्य मरीज भी भर्ती नहीं हो रहे है. ये हाल सिर्फ जिले के सरकारी अस्पतालों के नहीं है बल्कि वहां के सदर अस्पताल में भी मरीज ना के बराबर अपना इलाज कराने पहुच रहे है. बुधवार को इसी कर्म में सदर अस्पताल के जनरल वार्ड में सिर्फ तीन मरीज ही भर्ती हुए दिखाई दिए. वहां के प्रबंधन ने बताया कि सभी विभागों को भी मिला दे तो सिर्फ 15 से 20 मरीज ही वर्तमान में भर्ती है. ये पूरी स्थिति जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की भी है.

जब इस मामले पर हमारे संवाददाता ने वहां के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि इस कोरोना काल मे मुजफ्फरपुर के ग्रामीण इलाकों से केवल प्रसव के लिए लोग सरकारी अस्पतालों में भरी हो रहे है. यहां पर जो मरीज आ रहे है उनमें से बहुत भर्ती होने की स्थिति में होते हुए भी दवा लेकर अपने घर चले जाते है. जबकि अस्पताल की तरफ से हर तरह की तैयारी कर ली गई है. फिर भी कोई मरीज कोरोना के डर से अस्पताल में भर्ती नहीं होना चाहता है.

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प्राथमिक इलाज के बाद कर दिया जाता है रेफर

बंदरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रबंधक डॉ. ओम प्रकाश ने मरीजो के भर्ती नहीं होने का कारण बताया कि इस केंद्र पर आए मरीजो का प्राथमिक इलाज करने के बाद सदर अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है. गर्भवती महिलाएं भी प्रसव के लिए इन केंद्रों में भर्ती नहीं होना चाहती है. यही हाल औराई के स्वास्थ्य केंद्र का भी है जहां पर मरीज इलाज के लिए भर्ती नहीं होना चाहते है.

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मुजफ्फरपुर के मेडिसीन विशेषज्ञ डॉ. नवीन कुमार ने मरीजों के अस्पताल में भर्ती नहीं होने पर कहा कि अस्पताल में मरीजों कि सेवा के लिए नर्स और डॉक्टर्स मौजूद है. लोगों के अंदर ये परम्परागत है कि वह अपनी बीमारी को छुपाते है, जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए. यदि भर्ती होने कि अवस्था में है तो जरूर भर्ती होना चाहिए, नहीं तो और भी बीमारिया लोगो को घेर सकती है. उन्होंने ने आगे कहा कि लोगो को कोरोना के प्रर्ति जागरूक रहने कि आवश्यकता है. कही भी जाए तो मास्क, सेनेटाइजर, और कोरोना के बचाव के उपाय जरूर अपनाए.

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