मुजफ्फरपुर में अब प्रदूषण मुक्त शवदाह, एक घंटे में पूरा होगा अंतिम संस्कार

Smart News Team, Last updated: Fri, 1st Jan 2021, 3:04 PM IST
  • मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर मुक्तिधाम में प्रदूषण मुक्त शवदाह संयंत्र बनाया गया है. इससे न हवा प्रदूषित होगी और न ही नदी का पानी. शवदाह के लिए घंटों इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा. इस शवदाह का उद्घाटन 3 जनवरी को किया जाएगा.
शवदाह(फाइल फोटो)

मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर में अब शवदाह के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा. न हवा प्रदूषित होगी और न ही नदी का पानी प्रदूषित होगा. साथ ही लकड़ी की खपत 9 मन की जगह दो मन होगी. क्योंकि, प्रदूषण मुक्त शवदाह संयंत्र बनाया गया है. प्रदूषण मुक्त शवदाह की व्यवस्था सिकंदरपुर मुक्तिधाम में की जा रही है. काठमांडू के भष्मेश्वर घाट की तर्ज पर चालीस लाख रुपये की लागत से यह शवदाह बनाया गया है. इस शवदाह का उद्घाटन 3 जनवरी को किया जाएगा.

मुक्तिधाम प्रबंधन कार्यकारिणी समिति के संयोजक डॉ. रमेश कुमार केजरीवाल ने बताया कि पूरे बिहार में प्रदूषण मुक्त यह पहला शवदाह संयंत्र होगा. इस शवदाह की विशेषता यह है कि शवदाह में 9 मन की लकड़ी की खपत नहीं होगी, सिर्फ दो मन की लकड़ी में ही अंतिम संस्कार हो जाएगा. साथ ही समय चार-पांच घंटे की जगह एक घंटा ही लगेगा. इस शवदाह के दौरान निकलने वाला दूषित हवा संयंत्र की मदद से शुद्ध हो जाएगा और चिमनी के जरिए सौ फीट ऊपर निकल जाएगा.

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उन्होंने बताया कि परंपरागत शवदाह के समय शव पूरी तरह नहीं जल पाता था और अधजला शव, लकड़ी और राख को नदी में फेंक दिया जाता था. जिस कारण नदी प्रदूषित हो जाती है. इस शवदाह के संयंत्र में इस तरह की कोई परेशान नहीं होगी. इस संयंत्र को बनाने में कुल चालीस लाख रुपये खर्च हुए हैं. शहर के वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. अरुण साह ने इस खर्च का वहन किया है. डॉ. अजय कुमार ने अपने पुत्र अभिजीत की याद में उस परिसर का जीर्णोद्धार एवं सुंदरीकरण कराया है जहां शवदाह के लिए इस संयंत्र को बनाया गया है.

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