Russia-Ukraine Conflict: यूक्रेन में फंसे बिहार के मेडिकल छात्र दहशत में, 26 फरवरी से होंगे एयरलिफ्ट

Sumit Rajak, Last updated: Wed, 23rd Feb 2022, 9:22 AM IST
  • यूक्रेन और रूस के विवाद बढ़ते तनाव और युद्ध की आशंका से वहां पढ़ाई के लिए भारतीय छात्रों के माता-पिता परेशान हैं, ऐसे में परिजनों ने यूक्रेन में फंसे अपने बेटे को वापस लाने की सरकार से गुहार लगाई है. इनमें उत्तर बिहार के एक दर्जन से अधिक छात्र हैं. इसके लिए भारतीय दूतावास की ओर से छात्रों की वापसी के लिए विशेष चार्टर्ड उड़ानों का इंतजाम किया गया है. दूतावास के निर्देश बाद सभी छात्र स्वदेश लौटने के लिए राजी हो गए हैं. साथ ही इन लोगों ने टिकट भी ले लिया है.
यूक्रेन में फंसे मेडिकल छात्र

मुजफ्फरपुर. यूक्रेन और रूस के विवाद बढ़ते तनाव और युद्ध की आशंका से वहां पढ़ाई के लिए भारतीय छात्रों के माता-पिता परेशान हैं, उन्हें हर पल अपने बच्चों की चिंता सता रही है. ऐसे में परिजनों ने यूक्रेन में फंसे अपने बेटे को वापस लाने की सरकार से गुहार लगाई है. रूस से तनातनी के बीच भारतीय मूल के कई मेडिकल छात्र यूक्रेन के जेप्रोजिया में फंसे हैं. इनमें उत्तर बिहार के एक दर्जन से अधिक छात्र हैं. इसके लिए भारतीय दूतावास की ओर से छात्रों की वापसी के लिए विशेष चार्टर्ड उड़ानों का इंतजाम किया गया है. दूतावास के निर्देश बाद सभी छात्र स्वदेश लौटने के लिए राजी हो गए हैं. वहीं इन लोगों ने टिकट भी ले लिया है.

मुजफ्फरपुर के सदर थाना के बीबीगंज के रहने वाले रियल स्टेट कारोबारी अमरेश कुमार सिन्हा का बेटा आशीष चंद्रा यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे है और वहां की स्थित वहां की स्थिति को लेकर भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं. बताया जा रहा है कि सभी सही-सलामत और सुरक्षित है और अपने- अपने परिजनों से संपर्क में हैं. साथ ही  आशीष चंद्रा 26 फरवरी को यूक्रेन की राजधानी कीव से एयरलिफ्ट होंगे. वहां से वह दुबई पहुंचेंगे जहां से अगले दिन दिल्ली के लिए उड़ान लेंगे. आशीष 28 फरवरी को दिल्ली पहुंचेंगे. वहीं, समस्तीपुर निवासी राकेश कुमार को 28 फरवरी का टिकट मिला है. राकेश दोहा के रास्ते दो मार्च को मुंबई पहुंचेंग. पांच दिन मुंबई में रुककर समस्तीपुर के पूसा अपने घर पहुंचेंगे.

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मोबाइल पर बातचीत में राकेश ने कहा कि कि जेप्रोजिया में रह रहे बिहार के 80 फीसदी छात्रों को एयर टिकट मिल चुका है. वहीं 10 मार्च तक फ्लाइट की सभी श्रेणी के टिकट बुक हैं. बता दें कि छात्रों ने भारतीय दूतावास से विशेष फ्लाइट की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है. राकेश ने कहा कि होली के पहले सभी अपने घर पर होंगे.

छात्रों ने का कहना है कि जेप्रोजिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है. वहां रह रहे दूसरे देशों के नागरिक लगातार यूक्रेन छोड़कर जा रहे हैं.वहीं बिहार के अलावा यूपी, बंगाल आदि राज्यों के भी छात्र फंसे हुए हैं.बता दें कि  मंगलवार को यूपी के सैकड़ों छात्र भारत के लिए रवाना हुए. उन्होंने बकहा कि सभी छात्र डरे-सहमे हैं. अनहोनी की आशंका सता रही है. आशीष चंद्रा ने फोन पर बताया कि वे यूक्रेन और रूस के बॉर्डर से सटे जेप्रोजिया ओ-ब्लास्ट सिटी में रह रहे हैं. यहां से 35 किमी पर रूस का बॉर्डर है.दोनों देशों के बीच जारी तनातनी से वे भयभीत हैं.  सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस कर रहे हैं. भारतीय सबसे अधिक भयभीत हैं, लेकिन अब फ्लाइट मिलने से कुछ राहत मिली है.

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