मुजफ्फरपुर: जिले में दो दशकों से नहीं बदले जर्जर विद्युत तार व खंभे

Smart News Team, Last updated: 14/12/2020 11:43 AM IST
 मुजफ्फरपुर में लगभग 20 साल से विद्युत विभाग के जर्जर तार ओर पोल को बदला नहीं गया है. केंद्रीय उर्जा विकास योजना तहत केंद्र और राज्य सरकार ने एस्सेल कंपनी को दो साल में तार बदलने की जिम्मदारी दी थी. एक साल पूरा होने पर भी 50 फीसदी काम नही कर पायी है.  
बिजली के जर्जर तार और खंभे ( सांकेतिंक फोटो )

मुजफ्फरपुर: जिले में बिजली के जर्जर तार और खंभे बदलने का कार्य का काफी धीमा चल रहा है. जिसके कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलें में पिछले दो दशक से तार और खंभो को बदला नहीं जा सका. केंद्रीय उर्जा विकास योजना तहत जर्जर तारो को बदलने का काम राज्य सरकार ने एस्सेल कंपनी को दिया था. एक साल बाद 50 फीसदी काम न होने के कारण सरकार ने एस्सेल को हटा कर नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यृशन कंपनी को काम कि जिम्मेदारी दी है.

 दो साल पहले केंद्र सरकार ने  राज्य सरकार के साथ मिलकर जिले से तार को बदलने का कार्य आरंभ किया था. विद्युत विभाग के अधिकारियों के आग्रह पर जिले में पंडित दीनदयाल विकास योजना से कुछ निजी कंपनियों को जर्जर तार व पोल बदलने का जिम्मा मिला. दो साल पूरा होने पर भी कंपनिया तार और खंभो का बदलने का कार्य न कर पायी. विद्युत आधिकारियों का कहना है कि कोरोना के कारण कार्य को पूरा करने में देरी हो रही है. लॉकडाउन खुलने के बाद कार्य को पूरा करने में गति प्राप्त होगी.

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नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यृशन कंपनी ने काम को समय पर पूरा करने की बात कही है. वही बीएमपी छह के पास कन्हौली में नया पावर सब स्टेशन बनाने का प्रस्ताव आया था. सरकार द्वारा  जमीन मिलने का बाद कार्य शुरू कर दिया है. इस पावर सब स्टेशन को द्वारिका नगर सुपर पावर ग्रिड से जोडने की योजना है. कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि कोरोना के कारण कार्य में देरी हो रही है. उपभोक्ताओं का कहना है कि, जाड़े के इस मौसम में कार्य को पूरा कर लेना चाहिए, अन्यथा गर्मी के मौसम में बिजली बंद कर काम करना काफी मुश्किल होगा.

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