मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की फेक वीडियो वायरल, FIR दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी

Smart News Team, Last updated: 16/10/2020 04:48 PM IST
  • मुजफ्फरपुर में सोशल मीडिया पर बालिका गृह कांड का फेक वीडियो वायरल करने वाले शख्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई. पुलिस आईपी एड्रेस के जरिए व्यक्ति की खोज में जुटी.
मुजफ्फरपुर में बालिका गृह कांड पर फेक वीडिया वायरल. पुलिस जांच में जुटी.

मुजफ्फरपुर. सोशल मीडिया पर बहुचर्चित बालिका गृह कांड का एक शख्स ने भ्रामक वीडियो बना पोस्ट किया जिसके बाद गुरुवार को उसके खिलाफ नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई. यह एफआईआर आईटी एक्ट के अंतर्गत की गई जिसका आवेदन प्रदेश के जिला पंचायत राज्य अधिकारी (डीपीआरओ) व मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) कोषांग के नोडल पदाधिकारी कमल सिंह ने किया. इस पोस्ट को अब सोशल मीडिया से हटा लिया गया है.

डीपीआरओ कमल सिंह ने कहां की आरोपी एक पार्टी विशेष का छात्र नेता है. यह छात्र नेता मूल रूप से मुजफ्फरपुर का रहने वाला है और अभी मोतिहारी में रह रहा है. आरोपी का नाम मिलन कुमार यादव है जिसके नाम और पते का सत्यापन अभी जारी है. 13 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 बजे मुजफ्फरपुर निवासी मिलन कुमार यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड से जुड़ा हुआ एक वीडियो पोस्ट किया.  

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इस वीडियो का प्रसारण यह बताकर किया गया कि यह खबर मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की बहुत बड़ी खबर है. अगले 2 दिनों तक इस खबर का एमसीएमसी कोषांग को कुछ भी पता नहीं था. जिसके बाद कुछ अधिकारियों ने यह बताया कि यह पोस्ट गुरुवार को एमसीएमसी कोषांग के पास आया. इस वीडियो की जांच करने के बाद यह कहा गया यह वीडियो तथ्यहीन है और आम लोगों को गुमराह कर रहा है. साथ ही यह भी बताया इस फेक न्यूज़ को 7.23 हजार व्यूज मिले हैं और 223 लोगों ने इसे शेयर किया है. 

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मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन के एक न्यूज़ चैनल हेड से बातचीत करने पर पता चला कि यह वीडियो किसी न्यूज़ चैनल पर प्रसारित पहले की खबर को लेकर उसके साथ टेंपरिंग कर के तैयार किया गया था. साथ ही इस वीडियो की आवाज को भी एडिट किया गया था.  

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न्यूज़ चैनल हेड ने वीडियो को लोगों के बीच भ्रम पैदा करने वाला और फेक बताया है. इस मामले पर डीएसपी राम नरेश पासवान ने कहा कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए इस तरह के वीडियो बनाए जाते हैं. फिलहाल आरोपित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और सर्विलांस सेल उस आईपी ऐड्रेस को ढूंढ रही है जिस आईपी एड्रेस से पोस्ट की गई थी. 

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