मुजफ्फरपुर: SKMCH में इलाज व्यवस्था होगी बेहतर, गांवों को गोद लेंगे छात्र

ABHINAV AZAD, Last updated: Mon, 8th Nov 2021, 10:52 AM IST
  • एसकेएमसीएच के चार-पांच छात्रों की टोली बनाई जाएगी. यह टोली एक गांव के चालीस परिवार के केयर टेकर के तौर पर काम करेगी. जबकि इसके अलावा मरीज को सबसे पहले जेआर की देखरेख में इंटर्न के देखने के बाद विशेषज्ञ देखेंगे.
(प्रतीकात्मक फोटो)

मुजफ्फरपुर. एसकेएमसीएच की इलाज व्यवस्था में जल्द ही परिवर्तन होगी. इसको लेकर कयावद शुरू हो गई है. इस नए मॉडल को लेकर प्राचार्य डा.विकास कुमार ने पहल तेज कर दिए हैं. साथ ही कॉलेज के सभी विभागध्यक्ष के साथ मंथन का दौर जारी है. बताया जा रहा है कि मॉडल की दो प्रमुख बिन्दु है. पहला एसकेएमसीएच के चार-पांच छात्र की टोली बने और वह एक गांव के चालीस परिवार के केयर टेकर बन जाए. जबकि दूसरा बिंदू यह है कि एसकेएमसीएच में आने वाले मरीज को सबसे पहले जेआर की देखरेख में इंटर्न देखे. इंटर्न के देखने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सक देखेंगे.

एसकेएमसीएच के प्राचार्य डा.विकास कुमार के मुताबिक, वह अपनी राय पिछले दिनों एनाटामिक विभाग की ओर से आयोजित क्रांफ्रेंस में साझा कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि एसकेएमसीएच में आने वाले मरीजों को पर्ची कटाने के बाद यह नहीं पता चलता कि आखिर वह किस विशेषज्ञ चिकित्सक से मिले. मेडिकल कॉलेज रेफरल यूनिट है यहां पर हर बीमारी के विशेषज्ञ हैं. इसलिए अगर मरीज को सबसे पहले जेआर की देखरेख में इंटर्न की टोली देखें.

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प्राचार्य डा.विकास कुमार ने आगे कहा कि मरीज को सबसे पहले जेआर की देखरेख में इंटर्न के देखने के बाद वह निर्णय कर वह संबंधित बीमारी के विशेषज्ञ के पास भेज दें. उन्होंने आगे कहा कि इससे इससे इलाज की क्वालिटी में सुधार होगा साथ ही इधर-उधर मरीज को भटकना नहीं पड़ेगा. इसके साथ कॉलेज के चार छात्रों की टोली बनाई जाए. वह एक गांव के चालीस परिवार के केयर टेकर की भूमिका में रहें. साथ ही उनसे नियमित संपर्क व उनके स्वास्थ्य का ख्याल करें. इस तरह से हर साल दो-चार गांव एसकेएमसीएच के नेटवर्क में शामिल होने लगेगा. आने वाले दिन में पूरे जिले के सभी पंचायत सीधे एसकेएमसीएच के नेटवर्क में रहेगा.

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