तांडव विवाद: मुजफ्फरपुर में वेब सीरीज से जुड़े करीब 100 लोगों के खिलाफ FIR

Smart News Team, Last updated: Tue, 19th Jan 2021, 1:20 PM IST
  • हाल में आई तांडव वेब सीरिज के कंटेंट को लेकर कुछ संगठनों के बीच बहस काफ़ी गरमा गई है. मुजफ्फरपुर के सामाजिक कार्यकर्ता और वकील इस वेब सीरिज से हिन्दू देवी- देवताओं का अपमान करने और धार्मिक भावनओं को आहत पहुंचाने का आरोप लगाते हुए, इस वेब सीरिज को रोकने के लिए अदालत का दरवाज़ा खखटाया है.
तांडव विवाद: मुजफ्फरपुर में वेब सीरीज से जुड़े करीब 100 लोगों के खिलाफ FIR

मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर में तांडव वेब सीरीज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया  अमेजन प्राइम पर जारी एक नई वेब श्रृंखला सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया और तांडव के निर्माताओं सहित 32 हस्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. मामले में अभिनेता सैफ अली खान और अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया के अलावा 64 अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है.अमेजन इंडिया के मूल कंटेंट हेड अपर्णा पुरोहित, शो के डायरेक्टर अली अब्बास जफर, निर्माता हिमांशु कृष्ण मेहरा, लेखक गौरव सोलंकी को इस मुकदमा में मुख्यआरोपी बनाया गया है.

इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 153A (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास स्थान, भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), धारा 295(किसी वर्ग के धर्म और पूजा स्थल को जानबुझ कर नुकसान या बदनाम करना) धारा 505(1)(B)(जो कोई भी कथन, जनश्रुति या सूचना. 

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इस आशय से कि, या जिससे यह सम्भाव्य हो कि, सामान्य जन या जनता के किसी भाग को ऐसा भयभीत करता हो, जिससे कोई व्यक्ति राज्य के विरुद्ध या सार्वजनिक शांति के विरुद्ध अपराध करने के लिए उत्प्रेरित हो जाए) धारा 504 ( जो कोई भी किसी व्यक्ति को उकसाने के इरादे से जानबूझकर उसका अपमान करे, इरादतन या यह जानते हुए कि इस प्रकार की उकसाहट उस व्यक्ति को लोकशांति भंग करने, या अन्य अपराध का कारण हो सकती है, को किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा जिसे दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है या आर्थिक दंड या दोनों से दंडित किया जाएगा)

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(नोट- धाराओं का शब्दसह वर्णन ना होने की स्तिथी में माफ़ी चाहता हूं)

स्थानीय वकील और सामाजिक कार्यकर्ता, शिकायतकर्ता सुधीर कुमार ओझा ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि वेब सीरीज़ की सामग्री हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ बहुत अपमानजनक है. "पहले एपिसोड को देखने के बाद, मैंने पाया है कि पूरी टीम ने जानबूझकर इस तरह का अपमानजनक स्क्रिप्ट तैयार किया है. इसलिए, मैंने इसके निर्माता और अभिनेताओं को सजा के अलावा इस वेब सीरिज पर प्रतिबंध लगाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है.

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उन्होंने कहा कि सीजेएम कोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए रखा है। ओझा ने कहा, "मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 23 जनवरी है."

इस बीच, बीजेपी सांसद अजय निषाद ने सोमवार शाम बताया कि उन्होंने सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर तांडव पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है.

 

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