फर्जी कैंसर मरीज बन कर रहे थे सफर, रेलवे स्टेशन पर टिकट चेकिंग के दौरान अरेस्ट

Smart News Team, Last updated: Wed, 21st Oct 2020, 2:36 PM IST
  • कैंसर मरीजों को प्रमाण पत्र के आधार पर मिलने वाले मुफ्त कन्फर्म टिकट का फायदा उठाने में थे दोनों फर्जी कैंसर मरीज नीतीश और उसका सहयोगी विकास, कैंसर प्रमाण पत्र चेकिंग के दौरान पकड़े गए.
फर्जी कैंसर मरीज बन कर रहे थे सफर, रेलवे स्टेशन पर टिकट चेकिंग के दौरान अरेस्ट

मुजफ्फरपुर: वाणिज्य विभाग, आरपीएफ ( रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ) व जीआरपी ( गवर्नमेंट रेलवे पुलिस ) की टीम ने समस्तीपुर स्टेशन पर दो फर्जी कैंसर मरीजों को टिकट खरीदते वक्त पकड़ लिया. जांच के बाद पता चला कि उन दोनों के पास मौजूद कैंसर प्रमाण पत्र फर्जी है. इसके बाद में रेलवे थाने में उन दोनों के खिलाफ फर्जीवाड़े के साथ अन्य धाराएं लगाकर एफआईआर दर्ज कर ली.

दोनों फर्जी कैंसर मरीजों में से एक नीतीश कुमार है. नीतीश समस्तीपुर जिले के वारिसनगर थाना स्थित सारी गांव में रहता है. उसके पिता का नाम राय विरेंद्र कृष्ण सिंह है. साथ ही नीतीश के सहयोगी का नाम विकास कुमार है. विकास मुजफ्फरपुर जिले का निवासी है जो कूढ़नी थाने के कूढ़नी गांव में रहता है. विकास के पिता का नाम गरीबनाथ पासवान है. वर्तमान समय में नीतीश कुमार दिल्ली वेस्ट उत्तम नगर के ब्लॉक बी-106 की गली नंबर-50 के महावीर इन्कलेब पार्ट 4 में रहता है. 

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18 अक्टूबर को नीतीश ने बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की थर्ड एसी कोच का टिकट कटवाया जिसमें उसने अपने आप को कैंसर का मरीज बताया और कैंसर मरीज होने का प्रमाण पत्र दिखाया. जब नीतीश ने काउंटर पर कैंसर मरीज का प्रमाण पत्र चेक करवाने के लिए दिया तो उसी वक्त काउंटर कर्मियों को यह प्रमाण पत्र फर्जी लगा. उसी वक्त वहां पर मौजूद आरपीएफ इंस्पेक्टर मो. आलम अंसारी ने उन दोनों को पकड़ लिया. 

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इसके बाद दोनों को रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया गया है. रेलवे थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और नीतीश से पूछताछ पर उसने खुद को संविदा कर्मी के रूप में सफदरगंज अस्पताल का कर्मचारी बताया है. सीनियर डीसीएम सरस्वतीचंद्र ने कहा कि कैंसर के मरीज को प्रमाण पत्र के आधार पर मुफ्त कन्फर्म टिकट दिया जाता है इसके अलावा मरीज के सहयोगी को भी कुछ निश्चित राशि लेकर कन्फर्म टिकट दिया जाता है. इसी के आधार पर जांच के बाद नीतीश और विकास पर कार्यवाई जारी है.

 

 

 

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