Pitru Paksha 2021: 16 दिनों का होता है पितृ पक्ष, जानिए अपने पितरों का श्राद्ध करने की सही तिथि

Pallawi Kumari, Last updated: Fri, 17th Sep 2021, 3:00 PM IST
  • हिंदू धर्म में श्राद्ध का खास महत्व होता है. मुख्य तौर पर श्राद्ध या पिंडदान तीन पीढ़ियों तक के पितरों को दिया जाता है. पितरों का पिंडदान करने से श्राद्ध कर्म का फल मिलता है.
पितृ पक्ष किस दिन करें अपने पितरों का श्राद्ध. फोटो साभार-लाइव हिन्दुस्तान

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन महीने की अमास्या तक पितृ पक्ष होता है. इस बार 16 दिनों का श्राद्ध 20 सितंबर से शुरू होकर 6 अक्टूबर को खत्म होगा. इन 16 दिनों के पितृ पक्ष में 16 तिथियों में पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है. बता दें कि श्राद्ध या पिंडदान मुख्य तौर पर तीन पीढ़ियों तक के पितरों को दिया जाता है. पितृपक्ष में किये गए श्राद्ध कार्यों से पूर्वजों की आत्मा को तो शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद मिलता है. लेकिन  कई बार लोगों को ये मालूम नहीं होता कि अपने पूर्वजों का श्राद्ध कर्म किस दिन और कैसे करें.

जानें पितृ पक्ष में किस तिथि में किनका करें श्राद्ध कर्म- श्राद्ध की 16 तिथियां होती हैं, जो इस साल इस प्रकार से है-पूर्णिमा श्राद्ध 20 सितंबर को, प्रतिपदा श्राद्ध 21 सितबंर, द्वितीया तिथि श्राद्ध 22 सितंबर, तृतीया तिथि श्राद्ध 23 सितंबर को, चतुर्थी तिथि का श्राद्ध 24 सितंबर , पंचमी तिथि का श्राद्ध 25 सितंबर, षष्ठी तिथि का श्राद्ध 27 सितंबर को (26 सितंबर को दोपहर 1 बजकर 4 मिनट तक पंचमी तिथि रहेगी उसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जायेगी जो 27 सितंबर की दोपहर 3 बजकर 43 मिनट तक रहेगी. इसलिए लिहाजा षष्ठी तिथि का श्राद्ध 27 सितंबर को किया जायेगा) .

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वहीं सप्तमी तिथि का श्राद्ध 28 सितंबर को , अष्टमी तिथि का श्राद्ध 29 सितंबर, नवमी तिथि का श्राद्ध 30 सितंबर, दशमी तिथि का श्राद्ध 1 अक्टूबर, एकादशी तिथि का श्राद्ध 2 अक्टूबर , द्वादशी तिथि का श्राद्ध 3 अक्टूबर , त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध 4 अक्टूबर, चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध 5 अक्टूबक को और अमावस्या तिथि का श्राद्ध 6 अक्टूबर को किया जाएगा.

मान्यता है कि इनमें से जिस तिथि में व्यक्ति की मृत्यु होती है चाहे वह कृष्ण पक्ष की तिथि हो या शुक्ल पक्ष की. पितृ पक्ष में उसी तिथि में तिथि में उसका श्राद्ध किया जाता है.

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