एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से बचाव कैंप 18 फरवरी को, 21 को समन्वय समिति की बैठक

Smart News Team, Last updated: Sun, 14th Feb 2021, 3:53 PM IST
  • स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्मियों में बच्चों को एईएस बीमारी से बचाने के लिए विशेष प्रयास करने शुरू कर दिए गए हैं. विभाग की ओर से चिकित्सकों को ट्रेनिंग देने के लिए चार दिवसीय ट्रेनिंग कैंप लगाया जाएगा.
फाइल फोटो

मुजफ्फरपुर. गर्मियों में बच्चों को एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 18 फरवरी को कैंप लगाया जाएगा. कैंप के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. गर्मियों में बड़ी गिनती में बच्चे एईएस बीमारी की चपेट में आते हैं. इसी के मद्देनजर विभाग की ओऱ से 18 फरवरी को एसकेएमसीएच में चिकित्सकों का ट्रेनिंग कैंप लगाया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं और 160 चिकित्सकों को मास्टर ट्रेनर बनाया जा रहा है. कैंप 18, 19, 22 और 23 फरवरी को लगाया जाएगा.

एईएस के नोडल अधिकारी डॉ. सतीश कुमार जानकारी दी कि फ्रंटलाइन वर्करों की ओर से मास्टर ट्रेनर अपने अपने पीएचसी में एईएस प्रोटोकॉल और एसओपी के मुताबिक बचाव के बारे में ट्रेनिंग देंगे. हर स्तर के चिकित्सक को प्रशिक्षण में शामिल किया जाएगा. एसकेएमसीएच, केजरीवाल, सदर अस्पताल सहित सभी पीएचसी के प्रभारी और चिकित्सा पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.

बिहार के गन्ना किसानों के लिए गुड न्यूज, दाम में 5 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पटना से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ एसकेएमसीएच के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपाल शकल साहनी ट्रेनिंग देंगे. चिकित्सकों का 40-40 का बैच बनाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस बार एईएस से जो बच्चे बीमार होंगे, उनका रेफरल कार्ड बनाया जाएगा. जिसमें बीमारी होने से लेकर डिस्चार्ज तक की तमाम रिपोर्ट तैयार होगी. कार्ड का ऑनलाइन रिकार्ड भी रखा जाएगा.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें