कागजों में ही रह गई 2015 में शुरू मुजफ्फरपुर में ई-नगरपालिका बनाने की ख्वाहिश

Smart News Team, Last updated: 28/11/2020 08:26 PM IST
  • पांच साल पहले मुजफ्फरपुर नगर निगम को हाईटैक करने की योजना थी, जो अभी तक लागू नहीं हो पाई है. उस समय सरकार की ओर से लोगों को आनलाइन सुविधाएं देने के लिए तमाम संसाधन उपलब्ध करवाए जाने के बावजूद अभी तक लोगों को अपने काम के लिए निगम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.
मुजफ्फरपुर को हाईटैक बनाने की योजना 2015 से कागजों में ही रह गई है

मुजफ्फरपुर. स्मार्ट सिटी मुजफ्फरपुर को हाईटैक बनाने की योजना कागजों में ही रह गई है. पांच साल पहले बिहार सरकार ने राज्य के सभी शहरी निकायों को हाईटेक बनाने के लिए ई-नगरपालिका की शुरुआत की थी. तमाम संसाधन उपलब्ध करवाए जाने के बावजूद यह योजना सिर्फ कागजों में ही रह गई और यहां के लोगों को अब तक ई-नगरपालिका की तलाश है. इस योजना के तहत लोगों को घर बैठे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने, प्रापर्टी टैक्स ऑनलाइन जमा करने, मकान का नक्शा घर बैठे पास करवाने की सुविधाएं उपलब्ध करवाना था. सब कुछ कागज पर है, निगम को हाइटेक करने का काम जमीन पर उतरा ही नहीं.

उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार की ओर से पांच साल पहले राज्य के सभी शहरी निकायों को हाईटेक बनाने के लिए ई-नगरपालिका की शुरुआत की गई थी. सरकार की ओर से निकायों को संसाधन भी उपलब्ध करवाए गए थे. मुजफ्फरपुर नगर निगम में भी पांच साल पहले 2015 में ई-नगरपालिका की तामझाम के साथ शुरुआत की गई थी. नगर आयुक्त से लेकर शाखा प्रभारियों के कार्यालय कक्षों में टेबल पर सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए कंप्यूटर सजाए गए. यहां तक कि कर्मचारियों को आनलाइन सुविधाएं बहाल करने का प्रशिक्षण दिया गया. आपरेटरों की बहाली की गई. निगम की सुविधाओं को एक साल के अंदर ऑनलाइन करने की भी घोषणा कर दी गई थी लेकिन अब पांच साल बीत चुके है निगम की ओर से एक भी सुविधा आनलाइन नहीं हो पाई है.

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लोगों को अभी भी जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने, प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने आदि के काम करवाने को कई चक्कर काटने पड़ते हैं. निगम कार्यालय की दो से तीन बार दौड़ लगानी पड़ती है. महापौर सुरेश कुमार का इस बारे में कहना है कि निगम की सुविधाओं को ऑनलाइन करने के लिए वह कई बार कह चुके है. इस संबंध में अधिकारियों से बात की जाएगी.

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