शिक्षा विभाग के कर्मियों व अधिकारियों के कार्य में सुधार को होगा डिजिटाइजेशन

Smart News Team, Last updated: 22/11/2020 04:34 PM IST
  • शिक्षा विभाग का डिजिटाइजेशन का काम धीमी गति से चलने के कारण विभाग एक्शन में आया है. कार्यप्रणाली में सुधार के लिए विभाग ने ई सेवा पुस्त के निर्माण का फैसला लिया है और संबंधित अधिकारियों को 30 नवंबर तक आनलाइन डाटा एंट्री करने के लिए कहा है.
शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मियों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए कवायद शुरू

मुजफ्फरपुर. शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मियों व अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए विभाग की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है. विभाग के दफ्तरों और काम-काज के तौर-तरीके को डिजिटाइजेशन किया जा रहा है. इसी के मद्देनजर राज्य के अपर सचिव सह वरीय प्रभारी पदाधिकारी गिरिवर दयाल सिंह कई प्रकार के उपाय किए जा रहे हैं. उन्होंने ई-सेवा पुस्त के निर्माण करने का फैसला किया है. इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना को पत्र भेजकर जानकारी दे दी गई है. पत्र के जरिए उन्हें ई-सेवा पुस्त निर्माण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है. ई सेवा पुस्त के निर्माण का उद्देश्य सभी नियमित कर्मियों व पदाधिकारियों की डिटेल और डाटा कैप्चर फॉर्मेट (डीसीएफ) में ऑनलाइन चढ़ाया जाना है.

उल्लेखनीय है कि विभाग की ओर से पहले भी 28 अक्टूबर को भी आदेश जारी डाटा इंट्री करने को कहा गया था लेकिन काम की गति काफी धीमी है. विभाग के राज्य अपर सचिव ने खेद प्रकट किया है और निर्देश दिया है कि इस कार्य को युद्धस्तर पर किया जाए और 30 नवंबर तक अनिवार्य रूप से सभी कर्मियों एवं पदाधिकारियों का आनलाइन डाटा इंट्री की जाए.

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जिले के सभी पदाधिकारियों, कर्मियों, शिक्षकों का डाटा इंट्री पूर्ण होने तक जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना का वेतन स्थगित रहेगा. इसकी जानकारी सभी क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, आईटी मैनेजर आदि को भी दी गई है. गौर हो कि बता दें कि कई सरकारी विभागों में काम-काज का स्तर पूरी तरह डिजिटाइजेशन कर दिया गया है लेकिन शिक्षा विभाग में यह कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है. इसके कारण शिक्षक एवं कर्मियों को समय से वेतन नहीं मिल पा रहा है.

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