मुजफ्फरपुर: लॉकडाउन के बाद पहली बार शहर में हवा की गुणवत्ता खराब स्तर पर पहुंची

Smart News Team, Last updated: 02/11/2020 03:38 PM IST
  • नवंबर के शुरू में तापमान में गिरावट के कारण ठंड बढ़ रही है. इसी के साथ ही शहर में प्रदूषण भी बढ़ने लगा है. हवा में धूल कणों की मात्रा बढ़ने लगी है, जिससे लोगों में दमा जैसी बीमारी की चपेट में आने का भी खतरा बढ़ गया है.
मुजफ्फरपुर में हवा का स्तर खराब श्रेण में पहुंच गया है।

मुजफ्फरपुर. तापमान में गिरावट के चलते और मौसम में बदलाव के कारण शहर में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़कर खराब श्रेणी के करीब पहुंच गया है. शहर का औसत एक्यूआई 168 तक पहुंच चुका है, जबकि हवा में सूक्ष्म धूल कण पीएम 2.5 की मात्रा अधिकतम 302 होने से बीमार लोगों को सांस लेने में भी परेशानी होने लगी है.

डाॅक्टराें के अनुसार, कोरोना के दौर में यदि प्रदूषण और तेजी से बढ़ा तो यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होगा. मौसम बदलने और तापमान में गिरावट के चलते ज्यादातर बुजुर्ग और बच्चे ब्रेन हैमरेज, दमा, ब्लड प्रेशर और सांस की बीमारियों की चपेट में आने लगते हैं. लोगों को इन बीमारियों के साथ कोरोना से बचाव के लिए भी घर से निकलते वक्त मास्क का प्रयोग करना जरूरी है.

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दूसरी तरफ शहर में डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए और घर से निकलते वक्त पूरी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए. प्रदूषण से बचाव के लिए लोगों को जितना हो सके जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें. विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान और घटेगा और ठंड भी ज्यादा होगी. जिस वजह से प्रदूषण और बढ़ेगा और हवा की गुणवत्ता और भी ज्यादा खराब श्रेणी में जा सकती है. स्माग होने पर भी लो विजिबिलीटी में प्रदूषण फैलता है.

मौसम विशेषज्ञों की मानें तो दिवाली के पास बारिश हो सकती है. जिससे शहर में फैल रही स्मॉग और प्रदूषण की चादर छटेगी और लोगों को प्रदूषण से छुटकारा मिलेगा और सांस लेने लायक हवा मिलेगी. फिलहाल तब तक लोगों को पूरी सावधानियां बरतनी चाहिए क्योंकि सावधानी में ही बचाव है.

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