मुजफ्फरपुर में लंबित पड़े हैं ऑनलाइन दाखिल-खारिज के 51 हजार से ज्यादा मामले

Smart News Team, Last updated: 06/12/2020 03:53 PM IST
  • मुजफ्फरपुर में आनलाइन दाखिल खारिज मामलों संबंधी विभिन्न प्रखंडों से आई सूची को समेकित कर मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है. जिसे देखकर लग रहा है कि स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है लेकिन विभाग का कहना है कि लंबित मामलों को लेकर स्थिति पहले से सुधरी है
जिले में आनलाइन सुविधा के बावजूद दाखिल और खारिज मामलों की स्थिति सुधर नहीं रही है

मुजफ्फरपुर. जिले में दाखिल और खारिज मामलों की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है. विभाग के आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो अभी जिले में 51 हजार से ज्यादा मामले लंबित पड़े हैं. विभागीय अधिकारी इस स्थिति को पहले से बेहतर बता रहे हैं. तीन दिसंबर को विभिन्न प्रखंडों से आई सूची को समेकित कर मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक इस समय जिले में आनलाइन पेंडिंग मामले 51 हजार 427 हैं. इसमें सभी दाखिल-खारिज मामले शामिल हैं. अकेले मुशहरी प्रखंड से  सबसे ज्यादा 8077 मामले लंबित हैं और सबसे कम मामले 305 मुरौल खंड के हैं, जो पेंडिंग हैं.

उल्लेखनीय है कि दाखिल-खारिज कराने के लिए लाेगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. इसके बाद सरकार के निर्देश पर ऑनलाइन आवेदन कर दाखिल-खारिज कराने की सुविधा दी गई. लेकिन ऑनलाइन आवेदन देने के बाद भी मामले समय से दाखिल-खारिज नहीं हो रहे हैं. इसके कारण कई बार कई कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जा चुका है लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक जिले के सभी प्रखंडों के मामलों की निपटारे की औसतन फीसद 71.40 है लेकिन सबसे अधिक मुरौल प्रखंड में मामले का निपटारा किया गया है. यहां का फीसद 84.49 फीसद है. 

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निर्धारित तिथि पर चुनाव ना होने पर निर्वाचन आयोग ने संज्ञान लिया - सरैया प्रखंड के प्रमुख के रिक्त पद पर निर्धारित तिथि पर चुनाव नहीं होने पर राज्य निर्वाचन आयोग ने संज्ञान लिया है. मामले में आयोग के सचिव ने रिपोर्ट तलब की है. जिसके मुताबिक चुनाव 25 नवंबर को होना था. 17 नवंबर तक सूचना संबंधित प्रखंड के निर्वाचित सभी सदस्यों को निश्चित रूप से प्राप्ति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया था लेकिन, निर्धारित तिथि तक सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई. इससे प्रतीत होता है कि आयोग के निर्देश की अवहेलना हुई है. आयोग के निर्देश की उल्लंघना के चलते स्पष्टीकरण आयोग को उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्राचार किया गया है.

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