मुजफ्फरपुर का सात निश्चय योजना में खराब प्रदर्शन, रैंकिंग में आ रही गिरावट

Smart News Team, Last updated: Mon, 8th Feb 2021, 6:25 PM IST
  • मई 2020 से मुजफ्फरपुर की सात निश्चय योजना में रैंकिंग खराब होती जा रही है. मई में जिला 15 वें स्थान पर था, जो दिसंबर 2020 में की गई ओवरऑल रैंकिंग में फिसलकर 29वें स्थान पर पहुंच गया है.
मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना 2 (फाइल फोटो)

मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर. सात निश्चय योजना में मुजफ्फरपुर की रैंकिंग में लगातार गिरावट आती जा रही है. पिछले साल मई से मुजफ्फरपुर की रैंकिंग लगातार गिरती जा रही है. तब मुजफ्फरपुर साल की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग के साथ 15वें स्थान पर था. दिसंबर 2020 में 29वें स्थान पर पहुंच गया है. एक माह पहले नवंबर 2020 में जिले की रैंकिंग 28 थी. मई 2020 के बाद से रैंकिंग में लगातार गिरावट आती जा रही है.

सात निश्चय योजना घर तक पक्की नाली (ग्रामीण क्षेत्र) के क्रियान्वयन में जिले की प्रदर्शन सौ फीसद बेहतर हैं. शौचालय निर्माण योजना में भी प्रदर्शन बेहतर रहा है. सात निश्चय योजना के बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम और स्वयं सहायता भत्ता कार्यक्रम में स्थिति काफी खराब है. इनमें मुजफ्फरपुर का प्रदर्शन 80 फीसद भी नहीं रहा है. शहरी हर घर नल का जल योजना की हालत सबसे खराब है. इसमें जिले का प्रदर्शन 60 फीसद भी नहीं रहा है.

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मुजप्फरपुर सात निश्चय योजना की ओवरऑल रैंकिंग में दिसंबर तक 29वें स्थान पर हैं. पिछले साल मई में जिले की रैंकिंग 15वें स्थान पर थी. निगम और प्रशासन सात निश्चय योजना के तहत रैंकिंग में सुधार के लिए प्रयास तेज किए जा रहे हैं ताकि रैंकिंग में सुधार आ सके. सात निश्चय योजना के तहत जिले की योजनावार उपलब्धि 87.44 फीसद रही है.

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