मुजफ्फरपुर: लीची और आम के पेड़ों के बगान अचानक से सूख रहे, कराया जाएगा सर्वे

Smart News Team, Last updated: Fri, 11th Dec 2020, 4:12 PM IST
  • फसलों के सूखना किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है. मौसम में बदलाव के चलते आम और लीची की फसल पर इसका काफी बुरा असर पड़ा है. जलजमाव के चलते जिले में 126000 हेक्टेयर में लगी धान की फसल भी बर्बाद हो चुकी है. 
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मुजफ्फरपुर. क्षेत्र में इस साल सामान्य से दोगुनी बारिश होने के कारण किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है. बता दें पहले से ही अत्यधिक जलजमाव के कारण जिले में 126000 हेक्टेयर में लगी धान की फसल बर्बाद हो चुकी है. वहीं अब पूरे विश्व में मशहूर मुजफ्फरपुर की शाही लीची के साथ आम के पौधे भी बड़ी संख्या में सूखते जा रहे हैं. पिछले 15 दिनों से जिले के सभी प्रखंडों में किसान अपने बागान को सूखते देखकर परेशान हो रहे हैं.

बता दें जिले में करीब 11 हजार हेक्टेयर में लीची तथा 14 हजार हेक्टेयर में आम के बागान लगे हुए हैं. वहीं बताया जा रहा है कि सूख रहे पौधों 10-15 वर्ष पूर्व ही लगाए गए हैं और इन पौधों की संख्या भी अधिक है. वहीं इस स्थिति को गंभीरता से देखते हुए जिले के डीएम ने उद्यान के सहायक निदेशक को सूख रहे लीची के बागान का सर्वेक्षण कराने के साथ ही इसकी रिपोर्ट सरकार का भेजने का निर्देश भी दिया है. डीएम ने कहा कि जिले में बरसात के समय खरीफ फसल की क्षति हुई है. वहीं उस समय लीची, आम समेत अन्य पौधे नहीं सूखे थे. वहीं जिले में अब लीची व आम के पौधे के सूखने की जानकारी है. इसके साथ ही सर्वेक्षण कराने के बाद क्षति के संबंध में सरकार को अलग से रिपोर्ट भेजी जाएगी.

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सरैया कृषि विज्ञान केंद्र की वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान अनुपमा कुमारी के अनुसार एक सप्ताह से अधिक जलजमाव के कारण इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न हुई है. किसान सूख रहे पौधों की जड़ों के निकट तत्काल खुदाई करें. साथ ही पौधों को बचाने के लिए प्लाईटाक्स फिफ्टी 3 ग्राम प्रति लीटर पानी तथा एस्टैक्टो सैकलिन का 2 ग्राम 15 लीटर पानी में मिलाकर पौधों पर छिड़काव करने के साथ उसकी जड़ में डालें.

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