मुजफ्फरपुर में कोचिंग संस्थानों को बंद करने की तैयारी, जानें वजह

Smart News Team, Last updated: 01/12/2020 07:01 PM IST
  • माली हालत खराब होने के चलते कई कोचिंग संस्थान चोरी छिपे चलाए जा रहे हैं. कोविड के कारण संचालकों पर अब सख्ती होने जा रही है. कई कोचिंग संस्थानों को पूर्णतय बंद करने के आदेश भी दिए गए हैं
फाईल फोटो

मुजफ्फरपुर. कोरोना के चलते दस महीनों से स्कूल बंद पडे़ है. निजी स्कूल संचालक स्कूल खुलने का इंतजार कर रहे हैं, बच्चे फीस नहीं दे रहे और अधिक फीस होने के कारण स्कूल नहीं जा रहे हैं. कोचिंग संस्थानों का हाल भी ऐसा ही है. कोरोना के कारण अब चोरी छिपे चलाए जाने वाले कोचिंग संस्थानों पर भी सख्ती होने जा रही है. इसका खामियाजा निजी स्कूल संचालकों और कोचिंग संस्थानों के संचालकों को भुगतना होगा.

गोपालगंज सहित अन्य जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा कोचिंग को पूर्णरूप से बंद करने का आदेश जारी किया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी अब्दुस सलाम अंसारी भी दो दिनों के अंदर आदेश जारी करेंगे. उन्होंने बताया कि आदेश के अगर कोई भी कोचिंग संस्थान खुला पाया गया तो उनके खिलाफ जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी. 

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जिले में ऐसे कई लोग हैं, जिनके किराए पर निजी स्कूल चल रहे थे. दस महीनों से स्कूल बंद होने के कारण उनकी आय बंद हो गई है. इतना ही नहीं ऐसे स्कूलों के बच्चे भी दूसरे स्कूलों का रुख कर रहे हैं. फीस नहीं मिलने के कारण संचालकों की आर्थिक दशा खराब हो चुकी है. जो लोग पहले दूसरे को नौकरी दे रहे थे, अब वे खुद नौकरी की तलाश में लगे हुए हैं. उन्हें किसी शैक्षणिक संस्थान में नौकरी नहीं मिल रही है. इंडियन एसोसिएशन ऑफ स्कूल्स के सचिव सुमन कुमार के मुताबिक निजी स्कूल संचालकों की समस्या को लेकर वे शीघ्र मुख्यमंत्री और प्रधान सचिव के समक्ष मुद्दा उठाएंगे और उनके लिए राहत पैकेज व मुआवजे की मांग करेंगे.

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