जर्जर हो रहे क्रांतिकारी खुदीराम बोस के फांसी स्थल का किया जाएगा सौंदर्यीकरण

Smart News Team, Last updated: 01/11/2020 08:30 PM IST
  • सेंट्रल जेल में स्थित शहीद खुदीराम के फांसी स्थल की हालत जल जमाव होने की वजह से काफी जर्जर हो रही थी. जिस कारण मुख्यालय की ओर से इसके संरक्षण के भेजे प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है और इसके लिए 20 लाख का आवंटन किया गया है.
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मुजफ्फरपुर. कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय की ओर से प्राचीन धरोहरों को सहेजने का प्रयास किया जा रहा है. इसी के तहत राजधानी में स्थित शहीद खुदीराम बोस स्थित केन्द्रीय कारा में ‘प्रिजन हेरिटेज’ को सहेजने में कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय ने पहल की है. सेंट्रल जेल के अंदर शहीद खुदीराम के फांसी स्थल व सेल का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है.

इस कार्य के लिए विभाग की ओर से 20 लाख रुपए का आवंटन भी जारी किया गया है. शहीद खुदीराम बोस स्मारक स्थल के इतिहास के बारे में जानकारी देते हुए जेल उपाधीक्षक सुनील कुमार मौर्य ने बताया कि 11 अगस्त 1908 को बंगाल के मिदनापुर के क्रांतिकारी खुदीराम बोस को मुजफ्फरपुर जेल में फांसी दी गई थी. इसके बाद से यहां पर किसी को फांसी तक नहीं दी गई.

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उनके मुताबिक बीते दिनों जलजमाव के कारण फांसी स्थल की हालत काफी जर्जर हो गई थी. जगह-जगह मिट्टी धंसने की वजह से गड्ढे पड़ने लगे थे. इन हालातों को देखते हुए मुख्यालय को फांसी स्थल के संरक्षण के लिए प्रस्ताव भेजा गया था. गौर हो कि विभाग की ओर से इस कार्य को करने के लिए 20 लाख रुपए का आवंटन कर दिया गया है. इसके साथ ही कार्य योजना के मुताबिक यह काम 45 से 60 दिनों में पूरा करने का प्लान है.

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