ट्रक ऑनर्स की हड़ताल जेब पर पड़ने लगी भारी, आवक कम होने से बढ़ी महंगाई

Smart News Team, Last updated: Tue, 19th Jan 2021, 7:28 PM IST
  • ट्रक ऑनर्स की हड़ताल 15 जनवरी की मध्य रात्रि से लगातार जारी है. एसोसिएशन की ओर से सरकार को मांगों पर विचार करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है. हड़ताल के चलते हाईवे पर ट्रकों की लंबी कतारों से यातायात अस्त व्यस्त है.
फाइल फोटो

मुजफ्फरपुर. शहर के बाजारों में ट्रक ऑनर्स की हड़ताल का असर अब लोगों की जेब पर भारी पड़ने लगा है. हड़ताल के कारण फल-सब्जियों के साथ अन्य जरूरत की चीजें शहर में नहीं पहुंच पा रही हैं. जिस कारण बाजार में हर तरफ महंगाई का बोलबाला हो गया है. फल, सब्जियों से लेकर निर्माण कार्य के लिए जरूरी मटीरियल के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं. रोजाना जरूरत की चीजें खरीदने के लिए लोगों को मजबूरीवश अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है.

गौर हो कि बिहार ट्रक ऑनर एसोसिएशन 15 जनवरी से हड़ताल पर है और एसोसिएशन ने सरकार को मांगों मानने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है. मांगें नहीं माने जाने पर एसोसिएशन की ओर से संघर्ष को तेज किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि हड़ताल के चलते शहर से जुड़े सभी नेशनल हाईवे पर जाम के हालात लगातार बने हुए हैं. ट्रकों की लंबी कतारें रोड पर लगी हुई हैं. जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसके साथ ही महंगाई का बोझ भी आम लोगों को ही उठाना पड़ रहा है.

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एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष भानू शेखर प्रसाद सिंह ने कहा कि ट्रकों को मिट्टी, गिट्टी एवं बालू आदि की ढुलाई प्रतिबंधित किए जाने संबंधी अध्यादेश अमानवीय है. जिलाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि जनहित में सरकार को अध्यादेश वापिस लेना चाहिए. उन्होंने कोरोना के चलते सभी की आर्थिक हालत खराब है. सरकार को अपना तानाशाही फरमान वापस लेना चाहिए.

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