मुजफ्फरपुर: कई एकड़ भूमि पर जल जमाव, समस्या का हल ना होना बना किसानों की परेशानी

Smart News Team, Last updated: Fri, 13th Nov 2020, 7:17 PM IST
  • जल निकासी की व्यवस्था ना होने के चलते कई गांव की कई एकड़ जमीन पर जल जमाव हुआ पड़ा है. यह बड़ा भू-भाग बाढ़ और बरसात के कारण जल जमाव से ग्रस्त है लेकिन इस समस्या के हल की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिस कारण कई एकड़ जमीन इस बार कृषि से वंचित रह जाएगी
कई एकड़ भूमि पर बाढ़ और बरसात की वजह से जल जमाव गंभीर समस्या बन गया है

मुजफ्फरपुर. शहर में कई स्थानों पर जल जमाव की समस्या लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई है. जल निकासी की व्यवस्था ना होने के कारण बाढ़ और बरसात से प्रभावित क्षेत्र का बड़े भूभाग पर जल जमाव हुआ पड़ा है और यह बीमारियों को दावत दे रहा है. इस समस्या के कारण शहर के किसानों के लिए यह बड़ी सिरदर्दी बन चुका है. लोगों का कहना है कि जब तक इलाके में जल निकासी की व्यवस्था मुकम्मल नहीं होती, इस समस्या से छुटकारा मिलना मुश्किल है. ध्यान में लाए जाने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर इस समस्या के हल के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है.

गौर हो कि जलजमाव की समस्या प्रखंड के कई भागों में परेशानी का कारण बनी हुई है. जलजमाव से कई मार्ग अवरुद्ध पडे़ हैं. डुमरी-चंगेल, बर्री-तेहवारा, कटरा-गंगेया, बसघटृा-पहसौल आदि मार्ग इस समस्या के कारण अवरुद्ध पड़े हैं और यहां से गुजरने का रास्ता बंद है. उल्लेखनीय है कि प्रखंड के खंगुरा, गंगेया, बर्री, चंगेल, बसघटृा, नगवारा, पहसौल, शहनौली, धोबौली, माधोपुर, सोनपुर आदि गांवों की करीब दो हजार एकड़ भूमि में जलजमाव है. जिस कारण यहां के किसानों के सामने खेती करना चुनौती बन गया है. ग्रामीणों का कहना है जलनिकासी के बिना निदान असंभव है.

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लोगों का कहना है कि जल-निकासी के लिए बागमती परियोजना बांध से मार्ग निकाला जा सकता है. जिसकी अनुमति विभाग के कार्यपालक अभियंता से लेनी होगी. उनका कहना है कि जलस्तर में कमी के बाद से ही बागमती परियोजना के अधिकारियों से गुहार लगाई जा रही है, लेकिन अब तक आदेश नहीं मिला है. जलजमाव के कारण यहां की कृषि पूरी तरह चौपट हो गई है. इस बार प्रखंड का बड़ा भूभाग जलजमाव की चपेट में है। जब तक पानी के सूखने का इंतजार किया जाएगा, रबी की बुआई का मौसम निकल जाएगा. इसी संशय में हजारों एकड़ भूमि खेती से वंचित रह जाएगी.

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