मुजफ्फरपुर: 65 हजार छात्रों का 9 महीने का इंतजार खत्म, स्नातक की परीक्षा शुरू

Smart News Team, Last updated: 02/12/2020 08:43 AM IST
  • बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के स्नातक के छात्रों का इंतजार 9 महीनों के बाद आखिरकार खत्म हो गया है. बुधवार से स्नातक के छात्रों की परीक्षा शुरू हो गई है. जिले में मंगलवार को विश्वविद्यालय प्रशासन इसकी तैयारी को लेकर जुटा रहा. आपको बता दें कि बुधवार से स्नातक के छात्रों की परीक्षा शुरू हो रही है. 65 हजार छात्र इस परीक्षा में शामिल होंगे. इसे लेकर जिले में 26 केंद्र बनाए गए हैं. केंद्रों पर पूरे तरीके से कोविड-19 के नियमों और बचाव को लेकर व्यवस्था की गई है. छात्रों को मास्क पहनकर आने के लिए कहा गया है. मंगलवार को केंद्र पर परीक्षा शुरू होने से पहले कॉलेजों में एडमिट कार्ड लेने के लिए छात्र पहुंचे थे. कॉलेजों में इसे लेकर काफी भीड़ रही. आरडीएस कॉलेज में छात्रों ने एडमिट कार्ड को लेकर हंगामा भी किया. कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इन छात्रों का एडमिट कार्ड नहीं आया है क्योंकि इनके फार्म भरने में कुछ गड़बड़ियां थीं. छात्र कालेज प्रशासन पर आरोप लगा रहे थे कि उनकी गलती से उनका एडमिट कार्ड नहीं आया है और उनकी गलती से वे परीक्षा से वंचित रह सकते हैं. 
  • मंगलवार देर रात एक पत्तल फैक्टरी में आग लग गई. देर रात डेढ़ बजे फैक्टरी में आग लगी. इसे लेकर ग्रामीणों में काफी अफरा तफरी का माहौल बना रहा. ग्रामीणों ने बताया कि शार्ट सर्किट से यह आग लगी है. कुछ ही देर में पत्तल फैक्टरी जलकर राख हो गई. वहीं बुधवार को शहर के पुराने बाजार स्थित एक दुकान में आग लगने से अफरा तफरी का माहोल बना रहा. मौके पर फायरब्रिगेड की टीम पहुंची और आग पर काबू पाया जा सका. पुलिस का कहना है कि दुकान में आग कैस लगी इसकी जांच की जा रही है. 
  • अस्पताल मरीजों की जान बचाने के लिए होता है लेकिन जीएमसीएच में मरीजों की जान खतरे में है. इस अस्पताल में डॉक्टर्स के रहते हुए भी इंटर्नस मरीजों का ईलाज करते हैं और इमरजैंसी में जो मरीज होते हैं उनको उन्ही के हवाले कर दिया जाता है. जीएमसीएच में 180 डाक्टरों की तैनाती है मगर ये डाक्टर मरीजों का ईलाज नहीं करके अपने प्राइवेट क्लीनिक चलाने में व्यस्त रहते हैं और इनकी सेटिंग इस तरीके से होती है कि अब तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसे लेकर प्रशासन भी चुप बैठा हुआ है और मरीज बेचारे अपनी जान जोखिम में डालते रहते हैं. 
  • जेंडर आधारित भेदभाव आज भी समाज में हर तरफ व्याप्त है. इसे खत्म करने के लिए बेटियां अब आगे आ रही हैं और उन्होंने एक अनोखे प्रयास की शुरुआत की है. जिले के 15 गांवों में बेटियां लगातर नुक्कड़ नाटक और पेंटिंग के जरिए यह आवाज उठा रही हैं. जिले के कई प्रखंडों के गांवों में पांच से दस किशोरियों का ग्रुप नाटक के जरिए, पेंटिंग के जरिए जनप्रतिनिधियों को लड़कियों के लिए जो विभिन्न तरह की योजनाएं हैं उसके लिए अधिकारी को भी इसमें शामिल कर उसके सामने अभियान इस तरीके से चला रही हैं कि कैसे समाज में लड़कियों का शोषण हो रहा है, से उन्हें बचाया जा सके. इस अनोखी पहल को लोगों की काफी सराहना मिल रही है. 
  • बुधवार से डीएलएड कोर्स कर रहे शिक्षकों की परीक्षा शुरू हो रही है. जिले में इसे लेकर छह केंद्र बनाए गए हैं. इन केंद्रों पर दो पालियों में यह परीक्षा होनी है. गुरु जी अपनी यह परीक्षा पूरी सख्ती से देंगे इसके लिए सभी केंद्रों पर व्यवस्था चाक चौबंद की गई है. बुधवार को चार हजार से अधिक शिक्षक इस परीक्षा में शामिल होंगे. मंगलवार को इस परीक्षा को लेकर डीएम ने गाइडलाइन जारी की. सभी केंद्रों पर पुलिस बल की व्यवस्था की गई है. परीक्षा लगातार 14 दिसंबर तक चलेगी.

सम्बंधित वीडियो गैलरी